Singrauli News: सिंगरौली में सड़क या मुसीबत का सफर? माजन मोड़ से नौगई तक गड्ढों-धूल से बेहाल राहगीर, टोल वसूली के बीच एमपीआरडीसी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल?
नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली
Singrauli News: सिंगरौली बैढ़न से बरगवां तक करीब 23 किलोमीटर का सफर जिले की सड़क व्यवस्था और जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े (Serious questions raised regarding the district’s road network and the functioning of the responsible agencies.) कर रहा है। जिस दूरी को सामान्य परिस्थितियों में कम समय में पूरा होना (Covering the distance in less time under normal conditions.) चाहिए, उसी रास्ते पर वाहन चालकों को कथित तौर पर 45 से 60 मिनट तक लग रहे हैं। कहीं गड्ढे, कहीं उखड़ी सड़क और कहीं उड़ती धूल ने इस महत्वपूर्ण मार्ग पर सफर को परेशानी भरा बना (Potholes, stretches of broken road, and clouds of dust made the journey along this important route troublesome.) दिया है।
बैढ़न से परसौना तक सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम क्षेत्र से जुड़ी (The responsibility of road maintenance from Baidhan to Parsauna is attached to the municipal corporation area.) है। बैढ़न से चमेली मोड़ और नौगई तक कई स्थानों पर गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त (Two-wheeler riders have met with accidents at several locations between Baidhan and Chameli Mod and Naugai due to potholes.) होने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि बारिश के दौरान मरम्मत न होने के पीछे मौसम का तर्क दिया जाता (The weather is cited as the reason for the lack of repairs during the rainy season.) रहा, लेकिन अब बारिश थम चुकी है तो आखिर पैच मरम्मत में देरी क्यों हो रही है? गड्ढों के साथ धूल दूसरी बड़ी मुसीबत बन गई है। भारी वाहनों के गुजरते ही सड़क पर धूल का गुबार उठता है।
टोल प्लाजा के पास नही है धर्मकांटा
इस मार्ग पर ओवरलोड मालवाहक वाहनों से कथित अवैध वसूली के आरोप भी सामने (Allegations of illegal extortion from overloaded cargo vehicles on the route have also surfaced.) आते रहे हैं। टोल प्लाजा के पास धर्मकांटा नहीं होने की बात भी सवालों को और गंभीर (The absence of a weighbridge near the toll plaza further compounds the concerns.) बनाती है। हालांकि अवैध वसूली अथवा अधिकारियों-ठेकेदार की कथित मिलीभगत जैसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और सक्षम एजेंसी से जांच जरूरी (Independent verification and an investigation by a competent agency are essential regarding allegations such as illegal extortion or the alleged collusion between officials and contractors.) है। एमपीआरडीसी के अधिकारियों के सामने सीधा सवाल है कि यदि रखरखाव अनुबंध की शर्तों के अनुरूप नहीं हो रहा तो संबंधित टोल ठेकेदार पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? सड़क की बदहाली के बावजूद यदि सिर्फ टोल वसूली निर्बाध चलती रहे तो विभागीय निगरानी की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक (If toll collection continues uninterrupted despite the dilapidated state of the road, it is natural to question the utility of departmental oversight.) है। एमपीआरडीसी को स्थिति स्पष्ट करते हुए बताना चाहिए कि आखिरी निरीक्षण कब हुआ, ठेकेदार को कितने नोटिस (When was the last inspection conducted, and how many notices were issued to the contractor?) दिए गए और सड़क मरम्मत की समयसीमा क्या तय की गई है।
सड़क की धूल घरों एवं दुकानों में हो रही जमा
सड़क किनारे रहने वाले परिवारों का कहना है कि धूल घरों तक पहुंच (Families living on the roadside say dust is reaching their homes.) रही है। यानी परेशानी सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं, बल्कि सड़क किनारे रहने वाले लोगों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। परसौना से बरगवां की ओर स्थिति एमपीआरडीसी और टोल व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती (The situation on the stretch from Parsauna to Bargaon also raises questions regarding the MPRDC and the toll system.) है। परसौना से नौगई तक कई स्थानों पर गड्ढे और धूल दिखाई देने की शिकायत है। तेलदह में एक दशक से अधिक समय से टोल प्लाजा संचालित (Toll plaza operational at Teldah for over a decade.) होने की बात कही जा रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है, जब सड़क उपयोगकर्ताओं से टोल लिया जा रहा है, तो सड़क को सुरक्षित और सुगम बनाए रखने की जवाबदेही जमीन पर क्यों नहीं दिखाई देती? एमपीआरडीसी के जिम्मेदार अधिकारियों के कार्यशैली को लेकर अब तरह-तरह के सवाल खड़े (Various questions are now being raised about the working style of the responsible officers of MPRDC.) किये जा रहे हैं।







