Singrauli News: सिंगरौली में मोरवा पुनर्वास आंदोलन का असर, 7.25 करोड़ के बस स्टैंड का टेंडर जारी; मुआवजे पर 15 अक्टूबर तक फैसले का इंतजार

Follow Us

Advertisement

Singrauli News: सिंगरौली में मोरवा पुनर्वास आंदोलन का असर, 7.25 करोड़ के बस स्टैंड का टेंडर जारी; मुआवजे पर 15 अक्टूबर तक फैसले का इंतजार

नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली

Singrauli News: सिंगरौली मोरवा के पुनर्वास और विस्थापन से जुड़े मुद्दों (Issues related to the rehabilitation and displacement of Morwa)  को लेकर बनी आंदोलन की रणनीति का असर अब धरातल पर दिखाई (The impact of the movement’s strategy is now visible on the ground.) देने लगा है। आंदोलन में जिन मांगों को लेकर सहमति बनी थी, उन पर प्रक्रिया तेज किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।इसी क्रम में एनसीएल ने 30 सितंबर को चटका-झिंगुरदह में बस स्टैंड निर्माण के लिए निविदा जारी (Tender issued for bus stand construction at Chatka-Jhingurdah.)  कर दी। खास बात यह है कि यह टेंडर आंदोलन के दिन जारी हुआ। एनसीएल द्वारा जारी निविदा में चटका झिंगुरदह में बस स्टैंड निर्माण का अनुमानित खर्च (Estimated cost for the construction of a bus stand at Chatka-Jhingurdah, as per the tender issued by NCL.) करीब 7 करोड़ 25 लाख 83 हजार 850 रुपये निर्धारित किया गया है।

 

 

 

जिसे एक वर्ष में पूरा करना होगा। वहीं निविदा दस्तावेज में बस स्टैंड से संबंधित सिविल, इलेक्ट्रिकल, पानी एवं सैनिटरी कार्यों के लिए विस्तृत तकनीकी प्रावधान किए गए हैं। निर्माण में गुणवत्तापूर्ण भवन कार्य के साथ फर्श, स्टील स्ट्रक्चर एवं रेलिंग, दरवाजे-खिड़कियां, सैनिटरी सुविधाएं, पानी की सप्लाई और ड्रेनेज से जुड़ी व्यवस्थाएं शामिल हैं। बस स्टैंड निर्माण में विद्युत संबंधी कार्य भी निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार किए (Electrical works related to the bus stand construction were also carried out in accordance with the prescribed technical standards.) जाने हैं। इधर मोरवा पुनर्वास से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक शासकीय भूमि पर बसे परिवारों (One of the most critical issues related to the Morwa rehabilitation is that of families settled on government land.) को उचित मुआवजा और पुनर्वास का लाभ देने का है।

 

 

आंदोलन के दौरान इस मांग को प्रमुखता से उठाया (This demand was raised prominently during the movement.) गया था। सहमति के बाद अब इस मामले में 15 अक्टूबर तक निर्णय आने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों की नजर अब इस फैसले पर टिकी(The eyes of the locals are now fixed on this decision.)  है। यदि शासकीय भूमि पर बसे परिवारों के पक्ष में निर्णय होता है तो इसे मोरवा पुनर्वास को लेकर हुए आंदोलन के बाद बनी सहमति के क्रियान्वयन की दिशा (The course of action for implementing the consensus reached following the agitation.)  में बड़ी उपलब्धि माना जाएगा।

#

Related News

October 6, 2026

October 6, 2026

October 6, 2026

October 6, 2026

October 6, 2026

October 6, 2026

Leave a Comment