Singrauli News:  सिंगरौली में कुंदन गोल्ड माइन्स के भूमि अधिग्रहण पर भड़का आक्रोश, 25 आदिवासी परिवारों के घर उजड़ने का खतरा; मुआवजा-पुनर्वास की मांग को लेकर कांग्रेस का धरना

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Singrauli News:  सिंगरौली में कुंदन गोल्ड माइन्स के भूमि अधिग्रहण पर भड़का आक्रोश, 25 आदिवासी परिवारों के घर उजड़ने का खतरा; मुआवजा-पुनर्वास की मांग को लेकर कांग्रेस का धरना

नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली

Singrauli News:  सिंगरौली जिले के चितरंगी विधानसभा क्षेत्र के सिधार एवं सिल्फोरी में कुंदन गोल्ड माइन्स के लिए जमीन अधिग्रहण के विरोध में विस्थापितों (Displaced people protest against land acquisition for Kundan Gold Mines in Sidhar and Silphori.) ने कांग्रेस नेताओं के समर्थन से धरना-प्रदर्शन (Sit-in protest with the support of Congress leaders)  किया। प्रदर्शन के दौरान विस्थापितों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं (Displaced persons and Congress workers during the protest)  ने राज्य मंत्री राधा सिंह, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार के विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान राज्य मंत्री राधा सिंह मुर्दाबाद और सांसद डॉ. राजेश मिश्रा मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए।

 

 

विस्थापितों का आरोप है कि कुंदन गोल्ड माइन्स के लिए सिधार एवं सिल्फोरी (The displaced people allege that Sidhar and Silphori are being used for Kundan Gold Mines.) में करीब 149.3 हेक्टेयर राजस्व भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में करीब 20 से 25 आदिवासी परिवार लंबे समय से सरकारी भूमि पर मकान बनाकर रह रहे हैं (Tribal families have been living in houses built on government land for a long time.) और इसी जमीन पर अपना जीवन-यापन करते आ रहे हैं। धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष सरस्वती सिंह, अशोक सिंह पैगाम, सोमदेव सिंह, राजेश प्रताप सिंह, विजय प्रताप सिंह सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता और विस्थापित मौजूद रहे।

 

पुनर्वास का नही मिला लाभ, घर उजाड़ने की तैयारी
आरोप है कि प्रशासन की ओर से उनके मकानों को हटाने के लिए नोटिस (It is alleged that a notice was issued by the administration to demolish their houses.) दिया गया है, जबकि प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास का लाभ नहीं मिला (The affected families did not receive the benefits of compensation and rehabilitation.) है। धरना स्थल पर विस्थापितों ने कहा कि जब तक उन्हें नियमानुसार मुआवजा, पुनर्वास और विस्थापन संबंधी लाभ नहीं मिल (The displaced people at the protest site said that they will not protest until they get compensation, rehabilitation and displacement related benefits as per the rules.) जाता, तब तक वे अपने घरों को नहीं गिरने देंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार की ओर से आदिवासी समाज के लिए कई योजनाएं संचालित (The protesters said that the government runs many schemes for the tribal community.) की जा रही हैं, यऐसे में लंबे समय से सरकारी भूमि पर बसे परिवारों को बिना उचित पुनर्वास के हटाया जाना उनके लिए गंभीर चिंता का विष है।

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