Breaking News: 6 साल में पहली बार स्मार्टफोन बाजार में मचा हड़कंप; महंगे मोबाइल ने तोड़ी खरीदारी की रफ्तार, बिक्री में रिकॉर्ड गिरावट
Breaking News: भारी डिस्काउंट और आसान EMI के बावजूद भारतीय स्मार्टफोन बाजार इस समय सुस्ती (Despite heavy discounts and easy EMIs, the Indian smartphone market is currently sluggish.) के दौर से गुजर रहा है। देखा जा रहा है कि Counterpoint Research की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट में साल (Smartphone shipments in India this year) दर साल 10% की गिरावट दर्ज की गई है। खास बात यह है कि पिछले छह सालों में जून तिमाही के दौरान यह सबसे बड़ी गिरावट मानी (Considered the biggest decline.) जा रही है। सको लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतें और उपभोक्ताओं की घटती खरीद क्षमता इस गिरावट (Rising smartphone prices and declining consumer purchasing power [are driving] this downturn.) की सबसे बड़ी वजह बन रही हैं। इसका असर खासकर बजट स्मार्टफोन सेगमेंट पर साफ दिखाई (Clearly visible in the budget smartphone segment.) दे रहा है।
बजट स्मार्टफोन की बिक्री में 45% की बड़ी गिरावट
रिपोर्ट में बताया (The report stated…) गया है कि DRAM और NAND जैसी मेमोरी चिप्स की कीमतों में तेज उछाल के कारण कंपनियों की उत्पादन (A sharp rise in the prices of memory chips has led to a slowdown in the production of companies.) लागत बढ़ गई है। इसका सीधा असर फोन की कीमतों पर पड़ा (Impacted phone prices) और औसतन स्मार्टफोन (Average smartphone) करीब 15% तक महंगे हो गए। वहीं महंगाई और बढ़ती कीमतों के चलते 15,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की बिक्री (Sales of low-priced smartphones) में करीब 45% की गिरावट दर्ज की गई है। यही वजह है कि कई कंपनियां (many companies) लागत कम रखने के लिए दोबारा 4G स्मार्टफोन लॉन्च करने की रणनीति (Strategy to relaunch 4G smartphones) पर काम कर रही हैं।
महंगे फोन की डिमांड अब भी मजबूत
जहां बजट सेगमेंट संघर्ष (Budget Segment Struggle) कर रहा है वहीं 45,000 रुपये से अधिक कीमत वाले प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग (Demand for high-priced premium smartphones) पर इसका खास असर नहीं पड़ा है। आसान EMI, एक्सचेंज ऑफर्स (Easy EMIs, exchange offers) और फाइनेंसिंग योजनाओं ने महंगे फोन खरीदना पहले की तुलना में आसान (Financing schemes have made buying expensive phones easier than before.) बना दिया है। यही कारण है कि प्रीमियम सेगमेंट अब भी बाजार को संभाले (The premium segment continues to sustain the market.) हुए है।
किस कंपनी का रहा दबदबा?
रिपोर्ट में देखा जा रहा है कि Vivo ने करीब 18% मार्केट शेयर (Market share) के साथ अपनी नंबर-1 स्थिति बरकरार रखी है। वहीं Samsung गिरते बाजार में भी 2% की ग्रोथ दर्ज करने वाली टॉप-5 की इकलौती कंपनी रही है। इसके साथ ही Galaxy A Series और S Series की मजबूत मांग ने इसमें अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही दूसरी ओर OPPO, Xiaomi और Realme को बजट सेगमेंट में कीमत बढ़ने का नुकसान उठाना (Bearing the brunt of price hikes in the budget segment) पड़ा। वहीं Apple के iPhone 17 Series की मांग बनी रही लेकिन सप्लाई और इन्वेंट्री की कमी (Demand remained steady, but there was a shortage of supply and inventory.) के कारण उसके शिपमेंट में 3% की गिरावट दर्ज की गई।
टॉप-5 से बाहर Nothing ने सबसे ज्यादा चौंकाया (It was even more surprising.) । Phone (4a) की लोकप्रियता और IPL में RCB की स्पॉन्सरशिप की बदौलत कंपनी की बिक्री (Company sales driven by sponsorship) में 105% की शानदार बढ़ोतरी (Impressive increase) हुई। वहीं प्रीमियम सेगमेंट में Google Pixel ने 68% की सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की।
आगे और महंगे हो सकते हैं स्मार्टफोन
Counterpoint Research का अनुमान है कि मेमोरी चिप्स की कीमतों में बढ़ोतरी फिलहाल जारी (The rise in memory chip prices continues for now.) रहेगी। ऐसे में पूरे 2026 में भारत के स्मार्टफोन बाजार (India’s smartphone market) में 13% तक गिरावट देखने को मिल सकती है। जिसका सीधा मतलब है कि अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना (You are planning to buy a new smartphone.) बना रहे हैं तो आने वाले महीनों में आपको पहले से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ (In the coming months, you might have to pay more than before.) सकती है।







