Breaking News: भारत में टेलीग्राम से अस्थायी बैन हटा दिया गया है और ऐप फिर से डाउनलोड के लिए उपलब्ध है, लेकिन ‘मैसेज एडिटिंग’ फीचर पर जून 2026 तक रोक जारी रहेगी
Breaking News: सरकार ने NEET-UG री-एग्जाम (The government has postponed the NEET-UG re-exam. को देखते हुए पूरे देश में टेलीग्राम पर लगा टेम्पररी बैन हटा दिया (The temporary ban on Telegram across the country has been lifted.) है। आज से, मैसेजिंग ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर फिर से उपलब्ध है। हालांकि, सरकार ने सुरक्षा के नजरिए से ऐप के ‘मैसेज एडिटिंग’ फीचर (From a security perspective, the government… the app’s ‘message editing’ feature…) पर 30 जून, 2026 तक रोक जारी रखने का फैसला (Decision to continue the ban) किया है।
फ्रॉड पर रोक लगाने की कोशिश
यह फैसला इलेक्ट्रॉनिक्स (electronics) और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय ने पेपर लीक की अफवाहों पर रोक (Ministry of Information Technology curbs rumors of paper leaks.) लगाने के लिए लिया था। जांच में पाया गया कि अपराधी ‘मैसेज एडिटिंग’ फीचर का गलत इस्तेमाल (Criminals misuse the ‘message editing’ feature.) करते थे और पुराने मैसेज में बदलाव करके उन्हें पेपर लीक होने का सबूत दिखाते थे। इस फीचर के बंद होने से अब शरारती तत्व पुरानी तारीखों वाले नकली क्वेश्चन पेपर पोस्ट (Now, mischievous elements are posting fake question papers with old dates.) नहीं कर पाएंगे।
हाईकोर्ट से सरकार को राहत
टेलीग्राम ने बैन को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती (Telegram challenges ban in Delhi High Court.) दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ़ किया कि सरकार का यह कदम पूरी तरह से कानूनी (This step of the government is completely legal) था और परीक्षा की पवित्रता बनाए (Maintain the sanctity of the examination.) रखने और पब्लिक ऑर्डर पक्का करने के लिए ज़रूरी (Essential for ensuring public order) था। फिलहाल, टेलीग्राम पर इस बैन के हटने से लाखों यूज़र्स को राहत (Lifting of the ban on Telegram brings relief to millions of users.) मिली है, लेकिन एडिटिंग फ़ीचर पर लगी रोक अभी जारी (Restriction on editing feature remains in place.) रहेगी।







