Breaking News: चाय के दामों में तेज गिरावट से उद्योग पर संकट, मौसम की मार ने बढ़ाई चिंता
Breaking News: देश के चाय उद्योग पर इन दिनों दोहरी मार पड़ (The tea industry is facing a double whammy these days.) रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चाय की नीलामी कीमतों में लगातार गिरावट (Continuous decline in tea auction prices over the past few weeks.) के साथ असम और पश्चिम बंगाल में बाढ़, भीषण गर्मी, कीट और बीमारियों ने उत्पादन को प्रभावित (Diseases have affected production.) किया है।
टी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (Tea Association of India) के मुताबिक कोलकाता, गुवाहाटी और सिलीगुड़ी के प्रमुख नीलामी केंद्रों पर कीमतों में उल्लेखनीय कमी आई है। कोलकाता में औसत CTC चाय करीब 291 रुपये से घटकर 239 रुपये प्रति किलो, जबकि गुवाहाटी में 265 रुपये से घटकर करीब 222 रुपये रह गई। सिलीगुड़ी में भी कीमत लगभग 202 रुपये से घटकर 182 रुपये प्रति किलो हो गई।
एसोसिएशन का कहना है कि यह गिरावट केवल अधिक आपूर्ति की वजह (The decline is solely due to oversupply.) से नहीं है। जून तक उत्तर भारत में उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी (Marginal increase in production) के बाद जुलाई में करीब 8 प्रतिशत की कमी दर्ज होने का अनुमान है। अगस्त में भी उत्पादन कमजोर रहने की आशंका जताई गई है।
वहीं चाय का निर्यात भी दबाव (Tea exports also under pressure) में है। जनवरी से जून 2026 के बीच निर्यात पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 18 प्रतिशत कम रहा। बढ़ती मजदूरी, बोनस और उत्पादन लागत ने चाय बागानों की मुश्किलें और बढ़ा (Production costs have further compounded the difficulties faced by tea estates.) दी हैं।
एसोसिएशन ने मौजूदा हालात को उद्योग की वित्तीय स्थिति (The association [assessed] the current situation regarding the industry’s financial health.) के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए चिंता जताई (Expressed concern, terming it a serious challenge.) है।







