BREAKING NEWS:  डोनाल्ड ट्रंप ने OPEC छोड़ने के UAE के फैसले का स्वागत किया, तेल और गैस की कीमतें गिरेंगी, ग्लोबल मार्केट हिल जाएगा

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Thursday, April 30, 2026 7:39 AM

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BREAKING NEWS:  डोनाल्ड ट्रंप ने OPEC छोड़ने के UAE के फैसले का स्वागत किया, तेल और गैस की कीमतें गिरेंगी, ग्लोबल मार्केट हिल जाएगा

BREAKING NEWS:  US प्रेसिडेंट (US President)  डोनाल्ड ट्रंप ने यूनाइटेड अरब अमीरात (United Arab Emirates)  (UAE) के ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज़ (Organization of Petroleum Exporting Countries) ‘OPEC’ (OPEC) से बाहर निकलने के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत (Welcome to the Historic Verdict) किया है। ट्रंप ने UAE के प्रेसिडेंट शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान की तारीफ़ एक दूर की सोचने वाले लीडर के तौर पर की। ट्रंप का मानना ​​है कि इस कदम से तेल प्रोडक्शन में कॉम्पिटिशन बढ़ेगा (This step will increase competition in oil production.) , जिससे ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude oil in the global market) और गैस की कीमतें कम (Gas prices are low.) होंगी। उन्होंने कहा कि UAE का फैसला U.S. कंज्यूमर्स और ग्लोबल इकॉनमी के लिए राहत की बात साबित (Proves to be a source of relief for the global economy.) हो सकता है, क्योंकि OPEC के कंट्रोल से बाहर (Out of control) होने के बाद UAE अपनी मर्ज़ी से प्रोडक्शन बढ़ा (Production increased voluntarily.) सकेगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

OAPEC छोड़ने के UAE के फैसले ने दुनिया भर के एनर्जी एक्सपर्ट्स को चौंका (The decision surprised energy experts around the world.) दिया है। ASK वेल्थ एडवाइजर्स की एक रिपोर्ट (A report by ASK Wealth Advisors) के मुताबिक, हालांकि इस फैसले का कीमतों पर तुरंत असर पड़ना तय नहीं (The decision is not guaranteed to have an immediate impact on prices.) है, लेकिन इससे भविष्य में तेल सप्लाई को लेकर तालमेल कमजोर (Coordination regarding future oil supplies remains weak.) होगा। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि होर्मुज स्ट्रेट में चल रहे तनाव (Ongoing Tensions in the Strait of Hormuz)  के बीच UAE के इस कदम से ट्रेडिंग रेंज (Step-by-Step Trading Range) और अस्थिर (Unstable) हो सकती है। OPEC Plus के अंदर तालमेल की कमी से ‘कार्टेल प्रीमियम’ कम हो सकता है, जिससे कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव (Massive fluctuations in prices) हो सकता है।

 

 

 

 

 

 

 

दूसरी ओर, जाने-माने इकोनॉमिस्ट जेफरी सैक्स (Renowned economist Jeffrey Sachs) ने इस बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव (Rising Geopolitical Tensions) और कच्चे तेल की कीमतों (Crude oil prices) के $100 प्रति बैरल को पार करने के बीच UAE का अलग होना एक ‘स्ट्रेटेजिक गलती’ साबित हो सकती है। सैक्स के अनुसार, तेल और गैस की सप्लाई में लगातार रुकावटें ग्लोबल इकोनॉमी को एक बड़े संकट (Continuous disruptions in gas supplies pose a major crisis for the global economy.) और भारी अस्थिरता की ओर धकेल (Pushing towards extreme volatility) सकती हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि फॉसिल फ्यूल से रिन्यूएबल एनर्जी (From Fossil Fuels to Renewable Energy) की ओर ग्लोबल बदलाव  (Global Change) के इस दौर में मिलकर सप्लाई मैनेजमेंट (Collaborative Supply Management in an Era of ) करना बहुत ज़रूरी है।

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