BREAKING NEWS: ईरान की सत्ता में घमासान! मसूद पेजेशकियन और मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ आमने-सामने, विदेश मंत्री पर गिरी गाज

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Saturday, May 2, 2026 7:52 AM

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BREAKING NEWS: ईरान की सत्ता में घमासान! मसूद पेजेशकियन और मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ आमने-सामने, विदेश मंत्री पर गिरी गाज

BREAKING NEWS:  ईरान की टॉप लीडरशिप (Iran’s Top Leadership) के अंदर की अंदरूनी लड़ाई (The Internal Struggle Within) अब एक अहम मोड़ (A Turning Point) पर पहुँच गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और पार्लियामेंट के स्पीकर मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ (Speaker of Parliament Mohammad Bagher Ghalibaf) ने विदेश मंत्री (Minister of External Affairs) अब्बास अरागची को उनके पद से हटाने की ज़ोरदार मांग की है। अरागची पर आरोप (Allegations Against Aragchi)  है कि उन्होंने राष्ट्रपति ऑफिस को नज़रअंदाज़ करते हुए सीधे रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (Bypassing the President’s Office, he went directly to the Revolutionary Guards.) (IRGC) के निर्देशों पर काम किया। इस विवाद ने ईरानी एडमिनिस्ट्रेशन (The controversy [affected] the Iranian administration.) की स्टेबिलिटी पर सवाल खड़े (Questions Raised Over Stability) कर दिए हैं, जहाँ चुनी हुई सरकार और मिलिट्री कमांडरों के बीच तालमेल पूरी (Coordination between military commanders complete)  तरह से बिगड़ा हुआ लगता है।

 

 

 

 

 

 

इस विवाद की मुख्य जड़ रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर (The Root Cause of the Dispute: The Revolutionary Guards Commander) अहमद वहीदी की तरफ़ अरागची का झुकाव बताया (Indicated a leaning) जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि विदेश मंत्री ने सेंसिटिव डिप्लोमैटिक मामलों में राष्ट्रपति (External Affairs Minister has requested the President to discuss sensitive diplomatic matters.) को अंधेरे में रखकर मिलिट्री अधिकारियों की पॉलिसी लागू (Policy for Military Officers Implemented) कीं। इस स्थिति से प्रेसिडेंट पेजेशकियन काफी गुस्से (President Pezeshkian was very angry) में हैं और उन्होंने अपने करीबी लोगों से कहा है कि अगर मिलिट्री दखल (Military Intervention) ऐसे ही जारी रहा, तो वह अराघची को हटा देंगे। यह खींचतान खासकर युद्ध के मैनेजमेंट और देश की गिरती इकॉनमी (The country’s declining economy) पर इसके असर को लेकर और भी ज़्यादा तेज़ हो (Be faster) गई है।

 

 

 

 

 

लेजिस्लेटिव फ्रंट पर भी स्थिति तनावपूर्ण (The situation is tense.) बनी हुई है। कट्टरपंथी MPs के एक ग्रुप ने बातचीत करने वाली टीम के सपोर्ट में जारी होने वाले पार्लियामेंट्री स्टेटमेंट पर साइन (Signing a parliamentary statement) करने से मना कर दिया है, जिससे घरेलू पॉलिटिक्स में साफ बंटवारा (A Clear Divide in Domestic Politics) दिख रहा है। स्पीकर ग़ालिबफ़ के हाल ही में बातचीत (Speaker Ghalibaf’s recent talks) करने वाली टीम के हेड के पद से इस्तीफ़ा देने के बाद अराघची ने कमान संभाली (After resigning, Aragchi took command.) थी, लेकिन इस्लामाबाद में उनके रखे गए प्रपोज़ल को US ने रिजेक्ट कर दिया था। यह पावर स्ट्रगल अब अपॉइंटमेंट्स खत्म (Appointments finished) करने और सेंसिटिव पोस्ट्स पर सीधे मिलिट्री कंट्रोल (Direct Military Control over Sensitive Posts) तक बढ़ गया है।

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