Breaking News: FD कराने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी; श्रीराम फाइनेंस ने बढ़ाईं ब्याज दरें, अब 7.85% तक मिलेगा रिटर्न; वरिष्ठ नागरिकों की भी बल्ले-बल्ले

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Breaking News: FD कराने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी; श्रीराम फाइनेंस ने बढ़ाईं ब्याज दरें, अब 7.85% तक मिलेगा रिटर्न; वरिष्ठ नागरिकों की भी बल्ले-बल्ले

Breaking News:   गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी श्रीराम फाइनेंस ने सावधि जमा पर ब्याज दरों में वृद्धि की घोषणा (Non-banking financial company Shriram Finance has announced an increase in interest rates on fixed deposits.) की है। कंपनी ने सोमवार को बताया कि 10 करोड़ रुपये तक की जमा पर 12 महीने की अवधि के लिए अब 6.85 प्रतिशत की जगह सात प्रतिशत ब्याज मिलेगा। डिजिटल सावधि जमा पर 15 महीने की अवधि (15-month tenure for digital term deposits) के लिए 7.10 प्रतिशत की जगह अब 7.50 फीसदी ब्याज दिया जाएगा। ग्राहकों को 18 से 23 माह की अवधि के लिए 7.25 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। पहले यह 7.05 फीसदी था। वहीं, 24 से 35 माह के लिए ब्याज दर 7.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.50 प्रतिशत और 36 माह से 60 माह के लिए 7.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.85 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।

 

 

 

कंपनी ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को पहले की तरह 0.50 प्रतिशत और महिला जमाकर्ताओं को 0.05 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज मिलता (Senior citizens continue to receive an additional 0.50 percent interest, and women depositors receive an additional 0.05 percent.) रहेगा। परिपक्व हो चुकी सावधि जमा के नवीनीकरण पर वार्षिक ब्याज दर (Annual interest rate on the renewal of a matured term deposit) में 0.15 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज मिलेगा। नयी दरें 11 अक्टूबर से लागू हो गई हैं। न्यूनतम जमा राशि पांच हजार रुपये (Minimum deposit amount is five thousand rupees.) होगी। इसके बाद एक-एक हजार रुपये के गुणक में इसमें वृद्धि की जा  (It may be increased in multiples of one thousand rupees.) सकती है। श्रीराम फाइनेंस ने रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो दर तथा अन्य नीतिगत दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी के बाद सावधि जमा पर ब्याज दर बढ़ाई है। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समिति की गत सात अक्टूबर को समाप्त बैठक के बाद रेपो दर बढ़ाने की घोषणा (The RBI announced a hike in the repo rate following the Monetary Policy Committee meeting that concluded on October 7.)  की थी। साथ ही उसने अपना रुख तटस्थ से बदलकर सख्त कर दिया है। इसका मतलब है कि निकट भविष्य में ब्याज दरों में और वृद्धि की आशंका (This implies the likelihood of further interest rate hikes in the near future.) है। रेपो दर वह दर है जिस पर केंद्रीय बैंक दूसरे बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है।

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