BREAKING NEWS: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन! 9 मई को BJP सरकार का शपथ ग्रहण—क्या शुभेंदु अधिकारी बनेंगे CM?
नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क
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BREAKING NEWS: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों (West Bengal Assembly Election Results) के बाद नई सरकार बनने की तैयारियां तेज़ हो (Preparations for the formation of the new government are intensifying.) गई हैं। शपथ ग्रहण समारोह (Swearing-in Ceremony) की तारीख भी तय (The date has also been finalized.) हो गई है। बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ऐलान किया है कि शपथ ग्रहण समारोह 9 मई (Swearing-in Ceremony: May 9) को होगा। अभी यह पता नहीं चला है कि शपथ ग्रहण समारोह में कौन-कौन से नेता शामिल (Which leaders attended the swearing-in ceremony?) होंगे। दावा है कि मेहमानों की लिस्ट तैयार (The guest list is ready.) की जा रही है। असल में, 9 मई बंगाल में इसलिए भी अहम है क्योंकि इस दिन गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती भी है। हालांकि, बंगाल के मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होना अभी बाकी (The name of Bengal’s Chief Minister is yet to be announced.) है। लेकिन बंगाल के चुनाव नतीजों ने न सिर्फ सत्ता पलट (But the Bengal election results not only changed the government) दी है, बल्कि एक नया इतिहास भी लिख दिया है। BJP की इस बड़ी जीत के हीरो (Heroes of the Big Victory) और मुख्यमंत्री पद (Post of Chief Minister) के सबसे मज़बूत दावेदार शुभेंदु अधिकारी का नाम अब दिल्ली से कोलकाता तक गूंज रहा है। आज शुभेंदु को दिल्ली भी बुलाया गया है। गौरतलब है कि बंगाल में पहली बार BJP की सरकार बनने जा रही है। इसे लंबे समय से पूर्वी भारत में विपक्ष (Long-standing opposition in eastern India) का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।
नतीजा सोच से भी परे आया
बंगाल की पॉलिटिक्स (Bengal’s Politics) में 4 मई को वो हुआ जिसकी शायद ही किसी ने कल्पना (Hardly anyone imagined) की थी। मेदिनीपुर के शुभेंदु अधिकारी ने न सिर्फ अपना गढ़ (The officer not only established his stronghold) बचाया है, बल्कि भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधे हराकर पूरे देश को चौंका (Shocked the whole country by defeating directly) दिया है। अब गलियारों में बस यही चर्चा (This is the only topic of discussion in the corridors.) है कि क्या दादा बंगाल के अगले मुख्यमंत्री होंगे।
एजुकेशन में भी टॉप ऑफिसर
पॉलिटिक्स के मैदान में अपने विरोधियों को परास्त (Defeat your opponents in the political arena) करते आ रहे शुभेंदु अधिकारी पढ़ाई के मामले में भी काफी सीधे-सादे (The officer is quite simple even in matters of studies.) हैं। उनकी शुरुआती ज़िंदगी पूर्वी मेदिनीपुर की गलियों में बीती, जहाँ उन्होंने मेदिनीपुर के लोकल स्कूलों से शुरुआती पढ़ाई (He completed his early education at local schools in Medinipur.) की। उन्होंने 1987 में कांथी मॉडल स्कूल से हायर सेकेंडरी (12th) का एग्ज़ाम पास किया। उसके बाद उन्होंने कॉलेज की दुनिया में कदम (He entered the world of college.) रखा। ग्रेजुएशन और मास्टर्स का सफ़र
नेताजी ने विद्यासागर यूनिवर्सिटी (Netaji founded Vidyasagar University) से जुड़े कांथी पीके कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया, लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। पढ़ाई का उनका जुनून ऐसा था कि वे कोलकाता (His passion for studies was such that he went to Kolkata) की मशहूर रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी चले (Let’s go to Bharati University.) गए। यहां से उन्होंने MA की डिग्री हासिल की, जिसका मतलब है कि उन्होंने पॉलिटिक्स की बारीकियां सीखने (Learning the intricacies of politics) से पहले आर्ट के सब्जेक्ट्स को गहराई (Depth in Arts Subjects) से समझा।







