Breaking News:  UPI से गलत खाते में पहुंच गए पैसे? घबराने से पहले तुरंत उठाएं ये कदम, ऐसे वापस मिल सकती है रकम

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Breaking News:  UPI से गलत खाते में पहुंच गए पैसे? घबराने से पहले तुरंत उठाएं ये कदम, ऐसे वापस मिल सकती है रकम

Breaking News:  भारत में यूपीआई (UPI) के प्रसार के साथ ही डिजिटल लेन-देन बेहद आसान हो गया (With its proliferation, digital transactions have become extremely easy.)  है, लेकिन जल्दबाजी या छोटी सी लापरवाही के कारण कई बार पैसे गलत खाते में ट्रांसफर (Money is often transferred to the wrong account due to haste or a moment of carelessness.) हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में अक्सर लोग घबरा जाते हैं कि उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई डूबी गई (Their hard-earned money was lost.) या नहीं। तकनीकी रूप से यह समझना जरूरी है कि यूपीआई पिन दर्ज होने के बाद ट्रांजैक्शन को तुरंत रिवर्स या कैंसल करने का कोई सीधा विकल्प ऐप में नहीं होता (It is important to understand that there is no direct option within the app to immediately reverse or cancel a transaction once the UPI PIN has been entered.)  है, क्योंकि पैसा तुरंत सामने वाले के खाते में क्रेडिट हो जाता है। हालांकि, इसका यह मतलब कतई नहीं है कि आपका पैसा वापस नहीं मिल सकता; यदि आप सही समय पर सही कानूनी और तकनीकी प्रक्रिया अपनाते हैं, तो आपका 100% पैसा सुरक्षित रूप से वापस (If you follow the correct legal and technical procedures at the right time, you will securely get back 100% of your money.)  मिल सकता है।

 

 

सबसे पहले ऐप पर दर्ज करें विवाद, फिर घटना के 72 घंटे के भीतर अपने बैंक को दें आधिकारिक सूचना
गलत ट्रांजैक्शन होने पर सबसे पहले उसी यूपीआई ऐप (In case of a wrong transaction, first go to the same UPI app) (जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM) की ट्रांजैक्शन हिस्ट्री में जाएं, उस लेन-देन को सिलेक्ट (Go to the transaction history and select that transaction.) करें और ‘Report a Problem’ या ‘Raise a Dispute’ विकल्प पर क्लिक करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं (Click here to register your complaint.) । इसके साथ ही, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के अनुसार, गलत ट्रांसफर के 72 घंटों के भीतर अपने बैंक के कस्टमर केयर या होम ब्रांच से संपर्क करना अनिवार्य (It is mandatory to contact your bank’s customer care or home branch within 72 hours of an erroneous transfer.) है। बैंक को लेन-देन की तारीख, समय और 12 अंकों का UTR नंबर उपलब्ध कराएं, जिसके आधार पर बैंक संबंधित दूसरे बैंक से संपर्क कर फंड को होल्ड करने का अनुरोध (Requesting the concerned bank to hold the funds based on…) करता है।

 

 

 

NPCI पोर्टल और आरबीआई लोकपाल का ले सकते हैं सहारा, भविष्य के लिए बरतें ये जरूरी सावधानियां
यदि बैंक स्तर पर समाधान न मिले, तो आप नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया  (If you do not get a solution at the bank level, you can contact the National Payments Corporation of India) (NPCI) के आधिकारिक पोर्टल पर ‘Dispute Redressal Mechanism’ के तहत शिकायत दर्ज कर सकते हैं, और 30 दिन तक हल न मिलने पर आरबीआई लोकपाल (RBI Ombudsman) का दरवाजा खटखटा सकते हैं। डिजिटल एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि किसी भी बड़े भुगतान से पहले ₹1 का टेस्ट ट्रांसफर करके नाम की पुष्टि जरूर (Digital experts advise verifying the name by making a test transfer of ₹1 before any large payment.) कर लें तथा सार्वजनिक स्थानों पर क्यूआर कोड स्कैन (Scanning QR codes in public places)  करते समय पूरी सतर्कता बरतें।

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