GOLD AND SILVER PRICE: US-ईरान सीज़फ़ायर के बाद सोने और चांदी की कीमतों में भारी ‘सुनामी’, भारतीय बाज़ार में सोना Rs 1.5 लाख के पार और चांदी रिकॉर्ड Rs 2.44 लाख पर पहुँची
GOLD AND SILVER PRICE: US और ईरान के बीच दो हफ़्ते के सीज़फ़ायर के ऐलान (Announcement of a two-week ceasefire) के साथ ही ग्लोबल और घरेलू बुलियन मार्केट में ज़बरदस्त उथल-पुथल (Massive Turmoil in the Relu Bullion Market) देखने को मिल रही है। आज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange) (MCX) पर सोने की कीमतें 2.23% बढ़कर Rs 1,53,640 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुँच गईं। इस बीच, चांदी की कीमतों में लगभग Rs 13,000 प्रति kg की ‘सुनामी’ आई है, जिसके बाद चांदी Rs 2,44,770 पर ट्रेड कर रही है। इंटरनेशनल मार्केट में भी स्पॉट गोल्ड (Spot Gold in the International Market as Well) और U.S. गोल्ड फ्यूचर्स में 3% से ज़्यादा की तेज़ी देखी गई, जिसे मार्केट एक्सपर्ट्स (Market Experts) “रिलीफ़ रैली” के तौर पर देख रहे हैं।
जियोपॉलिटिकल फ्रंट (Geopolitical Front) पर, पाकिस्तान की मध्यस्थता (Pakistan’s Mediation) के बाद US और ईरान के बीच 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में हाई-लेवल बातचीत होने वाली है। हालांकि, इन्वेस्टर्स के बीच अभी भी अनिश्चितता (Uncertainty Still Prevails Among Investors) है क्योंकि ईरान ने साफ कर दिया है कि सीज़फ़ायर का मतलब तनाव (Ceasefire Means Tension) पूरी तरह खत्म होना नहीं है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल लेवल पर सोने (Gold at the international level) के लिए $5,000 प्रति औंस का लेवल एक बड़ा रेजिस्टेंस है। कीमती मेटल्स की आगे की दिशा (Future Direction of Precious Metals) इस बात पर निर्भर करेगी कि इस्लामाबाद बातचीत कितनी सफल रहती है और ईरान इस सीज़फ़ायर की शर्तों का पूरी तरह से पालन करता है या नहीं।
एक्सपर्ट्स (Experts) का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें ग्लोबल महंगाई (Rising Crude Oil Prices and Global Inflation) को और बढ़ा सकती हैं, जिससे सेंट्रल बैंकों के लिए इंटरेस्ट रेट्स पर फैसला करना मुश्किल (Difficult to Decide on Interest Rates) हो जाएगा। सोने को हमेशा ऐसी वोलैटिल सिचुएशन में एक सेफ इन्वेस्टमेंट (A Safe Investment in a Volatile Situation) (सेफ हेवन) माना जाता है, यही वजह है कि चांदी, प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी दूसरी कीमती मेटल्स में भी 2% से 4% की बढ़त देखी गई है। फिलहाल, इन्वेस्टर्स की नज़रें US-ईरान बातचीत और ग्लोबल इकोनॉमिक सिग्नल्स पर टिकी (Focused on Global Economic Signals) हैं, जिससे आने वाले दिनों में मार्केट (market) में और वोलैटिलिटी देखने (Observing Volatility) को मिल सकती है।







