Rules for Bathing in the Ganges:  गंगा दशहरा से पहले सही तरीका ज़रूर जान लें, नहीं तो पुण्य कम हो सकता है

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Saturday, May 23, 2026 12:12 PM

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Rules for Bathing in the Ganges:  गंगा दशहरा से पहले सही तरीका ज़रूर जान लें, नहीं तो पुण्य कम हो सकता है

नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क 
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Rules for Bathing in the Ganges:  गंगा दशहरा हिंदू धर्म (Ganga Dussehra in Hinduism) का एक बहुत पवित्र त्योहार  (A very sacred festival) माना जाता है, जो ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाता है। साल 2026 में यह त्योहार (Festival)  सोमवार, 25 मई को पड़ रहा है। माना जाता है कि इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर उतरी (The day Mother Ganga descended from heaven to Earth.) थीं, इसलिए इस दिन गंगा स्नान (Therefore, bathing in the Ganges on this day…) का खास महत्व है।

 

 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार (According to religious beliefs) , गंगा में नहाने से जीवन के पाप नष्ट (Bathing in the Ganges washes away the sins of a lifetime.) होते हैं और पवित्रता, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। लेकिन शास्त्रों में यह भी साफ कहा (However, the scriptures also clearly state this.)  गया है कि अगर गंगा स्नान सही नियमों के साथ (If bathing in the Ganges is done with the right rules) न किया जाए तो उसका पूरा फल नहीं मिलता।

 

 

 

गंगा स्नान में होने वाली आम गलतियां
कई लोग अनजाने में गंगा स्नान करते समय कुछ गलतियां कर (Unknowingly we make some mistakes while bathing in the Ganga.)  देते हैं, जिनका असर धार्मिक रूप से बहुत बड़ा माना (The impact was considered to be of immense religious significance.) जाता है। पहली गलती महिलाओं का खुले बालों में नहाना माना जाता है। परंपरा के अनुसार, गंगा में प्रवेश करते समय अपने बाल बांधकर (Tie your hair while entering the Ganges) रखने चाहिए। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसे अनुशासन और पवित्रता का प्रतीक माना (Considered a symbol of purity) गया है। इसके अलावा, कई लोग अशुद्ध अवस्था या सूतक के दौरान गंगा स्नान करते हैं, जिसे शास्त्रों में सही नहीं माना गया है। माना जाता है कि ऐसी स्थिति में किए गए स्नान का पूरा पुण्य फल नहीं (Bathing performed under these circumstances does not yield the full spiritual merit.) मिलता है।

 

 

 

 

गंगा स्नान के सही नियम और विसर्जन का महत्व
गंगा स्नान करते समय डुबकी लगाने (Taking a dip while bathing in the Ganges) का भी खास महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हमेशा (always according to religious beliefs)  विषम संख्या जैसे 1, 3, 5, 7 या 11 में डुबकी लगानी चाहिए। स्नान करते समय गंगा माता और भगवान विष्णु को याद करना चाहिए और मन से अपने पापों की क्षमा मांगनी (To sincerely seek forgiveness for one’s sins.)  चाहिए। इससे मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ मिलता (One derives spiritual benefits.) है। इसके अलावा, गंगा जल में किसी भी तरह का साबुन, शैम्पू या केमिकल पदार्थ का इस्तेमाल नहीं (No use of chemical substances) करना चाहिए। नदी की पवित्रता बनाए रखने के लिए इसे ज़रूरी (Deemed essential for maintaining the purity of the river.) माना जाता है।

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