शक्तिनगर/सोनभद्र: सिंगरौली में NTPC की बढ़ीं मुश्किलें, रिहंद कैचमेंट में ऐश डैम को लेकर CIC का नोटिस
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Shaktinagar/Sonbhadra: लोकल नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Local National Thermal Power Corporation Limited) (NTPC) सिंगरौली प्रोजेक्ट ने रिहंद (Singrauli Project has Rihand) जलाशय के कैचमेंट एरिया में सिंचाई विभाग की सरकारी ज़मीन लीज़ (Lease of government land from the Irrigation Department in the catchment area of the reservoir) पर लेकर ऐश डाइक बनाया है। इस ऐश डैम से रिहंद जलाशय का पानी प्रदूषित होने और जलाशय में रहने वाले जलीय जीवन (Aquatic life inhabiting the water body) और पर्यावरण संतुलन पर बुरा असर पड़ने (Adversely affecting environmental balance) की उम्मीद है। साथ ही ग्राउंडवाटर की क्वालिटी पर भी असर (Impact on groundwater quality as well) पड़ेगा।
पर्यावरण (Environment) और सामाजिक कार्यकर्ता (Social activist) हेमंत मिश्रा ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत जानकारी मांगी थी कि रिहंद जलाशय के कैचमेंट एरिया की सिंचाई विभाग की सरकारी ज़मीन (Government land of the Irrigation Department in the catchment area of Rihand Reservoir) किस आधार पर NTPC को लीज़ पर दी गई और इसके लिए क्या कानूनी मंज़ूरी (Legal approval) ली गई थी। हालांकि, NTPC ने मांगी गई जानकारी देने से मना कर दिया। इसके बाद हेमंत मिश्रा ने सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन (Central Information Commission) में दूसरी अपील फाइल की, जिस पर कमीशन ने संज्ञान लेते हुए NTPC और अपील करने वाले को नोटिस जारी कर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सुनवाई के लिए बुलाया है। सुनवाई सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमिश्नर जया वर्मा सिन्हा करेंगी। गौरतलब है कि सिर्फ़ NTPC सिंगरौली प्रोजेक्ट (NTPC Singrauli Project) ही नहीं, बल्कि NTPC के दूसरे प्रोजेक्ट्स ने भी रिहंद जलाशय के कैचमेंट एरिया (The projects also affected the catchment area of the Rihand reservoir.) में बड़े पैमाने पर ऐश डैम बनाए हैं।
लगातार यह डर बना हुआ है कि लाखों टन राख जमा (Lakhs of tonnes of ash accumulated) होने से जलाशय के पानी की क्वालिटी पर असर (Impact on reservoir water quality) पड़ेगा, एनवायरनमेंटल इम्बैलेंस पैदा (…will lead to environmental imbalance.) होगा और कैचमेंट एरिया में ज़मीन पर कब्ज़ा और अवैध कब्ज़ा (Illegal Encroachment) बढ़ेगा।







