Singrauli Breaking News:  जी-2 माल के अवैध निर्माण, राहत पाने हाई कोर्ट गए संचालक को झटका

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Singrauli Breaking News:  जी-2 माल के अवैध निर्माण, राहत पाने हाई कोर्ट गए संचालक को झटका

कोर्ट ने कहा वैध दस्तावेज आयुक्त के पास प्रस्तुत करो, 60 दिनों के अंदर करो फैसला

नगर निगम ने जी-2 माल को दूसरी बार भेजा था नोटिस, कहा स्वयं हटाए अवैध हिस्सा

नगर निगम का सख्त एक्शन; अवैध निर्माण हटाने के लिए ताराचंद्र कारीवाल को अंतिम नोटिस पर गया था हाई कोर्ट

नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क सिंगरौली
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Singrauli Breaking News:   मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय  (Madhya Pradesh High Court) (हाई कोर्ट ) जबलपुर ने गंगोत्री-2(जी-2)माल को हटाने संचालक को झटका (Operator jolted while removing the goods.) दे दिया हैl कोर्ट ने कहा है कि नगर निगम आयुक्त के पास निर्माण सम्बंधित सभी दस्तावेज प्रस्तुत (All construction-related documents submitted to the Municipal Commissioner.) करो, और आयुक्त 60 दिवस के अंदर फैसला करें l बताते चले कि नगर पालिक निगम सिंगरौली ने भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन (Singrauli Municipal Corporation violated building construction regulations.) करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाईके तहत (As part of major action against…)  जी-2 गंगोत्री मॉल के संचालक ताराचंद्र कारीवाल को उनके व्यावसायिक भवन में किए गए अवैध निर्माण को हटाने के लिए विगत माह अंतिम सूचना पत्र (Final notice issued last month for the removal of illegal construction in the commercial building.) (अंतिम नोटिस) जारी किया था । प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निगम की आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण कारियो पर सख़्ती दिखानी शुरू कर दी हैl नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रधान ने विंध्यनगर – बैढ़न मुख्य मार्ग के ढोटी स्थित जी-2 माल के संचालक द्वारा स्वीकृति के तीन गुना से ज्यादा अवैध निर्माण कर निगम प्रशासन (The corporation administration has done illegal construction more than three times the approved amount by the operator.) और नियम क़ानून को ठेंगा दिखा दिया हैl जिसकी शिकायत कुछ लोगों द्वारा नगर निगम प्रशासन (Some people complained to the Municipal Corporation administration) से की गई हैl

 

स्वीकृत मानचित्र से तीन गुना ज्यादा निर्माण
नगर पालिक निगम आयुक्त (Municipal Corporation Commissioner) द्वारा गत 14मई को जारी नोटिस के अनुसार, ताराचंद्र कारीवाल को कुल 1232.92 वर्गमीटर क्षेत्र में व्यावसायिक भवन निर्माण की अनुमति (Permission for commercial building construction) दी गई थी। हालांकि, निरीक्षण में पाया गया कि वर्तमान (The inspection revealed that the current) में वहां कुल 3840 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्माण (Construction in the area)  कर लिया गया है, जो स्वीकृत मानचित्र से काफ़ी अधिक (much higher than the approved map) है।मसलन तीन गुना अवैध निर्माण किया (For instance, three times the amount of illegal construction was carried out.) गया हैl नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि म.प्र. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 308-क में हुए संशोधन (13 मार्च 2024) के अनुसार, 10 प्रतिशत से अधिक के अवैध निर्माण का शमन अब संभव नहीं है।

 

7 दिन में अवैध निर्माण नहीं हटाया तो होगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

निगम आयुक्त श्रीमती प्रधान ने नोटिस में स्पष्ट निर्देश (Municipal Commissioner Smt. Pradhan gave clear instructions in the notice.) दिए हैं कि संचालक ताराचंद्र कारीवाल को सूचना पत्र प्राप्ति के 7 दिनों के भीतर स्वीकृत सीमा से अधिक किए गए अनाधिकृत निर्माण को स्वयं हटाना (Voluntary removal of unauthorized construction) होगा। यदि निर्धारित समय सीमा के अंदर अवैध हिस्सा नहीं हटाया जाता है, तो नगर निगम स्वयं उसे हटाने की कार्रवाई करेगा। इस नोटिस से बचने जी -2 माल के संचालक कारीवाल हाईकोर्ट (Director Kariwal High Court) चला गया थाl जहा से उसे अवैध निर्माण पर कोई राहत (No relief for him regarding the illegal construction.) नहीं मिलीl

 

खर्च की वसूली भू-राजस्व की भांति होगी
नगर निगम आयुक्त ने चेतावनी (Municipal Corporation Commissioner issues warning.) दी है कि यदि प्रशासन को अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई करनी (The administration needs to take action to demolish illegal constructions.) पड़ी, तो इस प्रक्रिया में आने वाला समस्त व्यय संचालक से ‘भू-राजस्व’ की भांति वसूल किया जाएगा। साथ ही, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति या कानूनी स्थिति के लिए संचालक स्वयं जिम्मेदार (The operator is solely responsible for any damage or legal status.) होंगे।

 

इस नोटिस के बाद शहर के व्यावसायिक गलियारों में हड़कंप मच (The notice caused a stir in the city’s commercial corridors.) गया है। नगर निगम आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान की यह सख्त कार्रवाई दर्शाती (Strict action demonstrates…) है कि अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन (Administration regarding illegal construction) अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रहा है।
60 दिन बाद क्या होंगी ध्वस्तीकरण

अब नगर निगम क्षेत्र के लोगों में चर्चा है कि भवन अनुज्ञा के तीन गुना अवैध निर्माण करने वाले गंगोत्री माल (जी- 2माल )के खिलाफ क्या 60 दिन बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगीl

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