Singrauli Breaking News: सिंगरौली में अवैध शराब का जाल और आबकारी विभाग पर उठते सवाल?

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Singrauli Breaking News: सिंगरौली में अवैध शराब का जाल और आबकारी विभाग पर उठते सवाल?

नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क सिंगरौली
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अवनीश तिवारी

Singrauli Breaking News: जिले में अवैध शराब के कारोबार (illegal liquor business)  को लेकर एक बार फिर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली सवालों (Questions on the functioning of the Excise Department)  के घेरे में है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक खुलेआम शराब की कथित अवैध बिक्री (Alleged illegal sale of liquor openly from cities to rural areas) और सप्लाई होने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई अपेक्षित स्तर पर दिखाई नहीं दे रही है, जिससे आम जनता में नाराजगी बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप (allegations of local people) है कि गांव-गांव तक अवैध रूप से शराब पहुंचाई जा (illegally delivering alcohol) रही है। कई स्थानों पर युवाओं और मजदूर वर्ग के बीच शराब की बढ़ती उपलब्धता सामाजिक चिंता का विषय (The increasing availability of alcohol among the working class is a matter of social concern.) बन चुकी है। लोगों का कहना है कि अवैध शराब के कारण कई परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रभावित हुए हैं तथा विवाद, मारपीट और अपराध जैसी घटनाओं में भी वृद्धि देखने (There has also been an increase in incidents) को मिल रही है।
प्रदेश सरकार (state government) और मुख्यमंत्री द्वारा समय-समय पर अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के निर्देश (Instructions to stop illegal liquor trade) दिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद यदि जिले में अवैध बिक्री जारी है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न खड़ा (The effectiveness of the administrative system is questioned.)  करता है। जनता यह जानना चाहती है कि आखिर ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है।
जिला आबकारी अधिकारी (District Excise Officer) सतीश कश्यप को लेकर भी स्थानीय स्तर पर कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई (The allegations have not been independently confirmed.) है और बिना जांच किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। लेकिन जब लगातार शिकायतें सामने आती हैं, तो विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वह पारदर्शी तरीके (It is the responsibility of the department to ensure that) से कार्रवाई कर जनता के सामने तथ्य रखे।
यह भी आरोप लगाए जाते हैं कि छोटी-मोटी कार्रवाई कर विभाग अपनी जिम्मेदारी पूरी मान (The department considers its responsibility fulfilled by taking minor action.) लेता है, जबकि बड़े स्तर पर कथित रूप से संचालित नेटवर्क पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती (The expected action is not taken against the network allegedly operating on a large scale.) । यदि ऐसे आरोप निराधार हैं तो विभाग को स्पष्ट जानकारी देकर स्थिति साफ (If the allegations are baseless, the department should clarify the situation by giving clear information.) करनी चाहिए, और यदि शिकायतों में सच्चाई है तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी (If there is truth in the complaints then strict action should be taken against the culprits.) चाहिए।
जनता की मांग है कि जिले में अवैध शराब बिक्री (Illegal liquor sale in the district, सप्लाई नेटवर्क और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई (An impartial investigation was conducted into the functioning of the Excise Department.) जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कानून का पालन कराने वाले विभाग की जवाबदेही (Responsibility of law enforcement departments) भी तय हो, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।)
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब अवैध शराब के खिलाफ सख्त कानून (Strict laws against illicit liquor) और सरकारी निर्देश मौजूद (government instructions available) हैं, तो फिर सिंगरौली में यह कारोबार आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल (Under whose protection is this business flourishing in Singrauli?) रहा है?

 

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