Singrauli Breaking News:  सिंगरौली नगर निगम में अजब खेल: इंजीनियर विकास छोड़ करेंगे वृक्षारोपण, शहर की बदहाली पर कौन देगा जवाब?

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Singrauli Breaking News:  सिंगरौली नगर निगम में अजब खेल: इंजीनियर विकास छोड़ करेंगे वृक्षारोपण, शहर की बदहाली पर कौन देगा जवाब?

नई ताकत न्यूज़ सिंगरौली
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Singrauli Breaking News:  सिंगरौली नगर निगम इन दिनों अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा  (In the news lately for his/her working style.) में है। जानकारी सामने आई है कि नगर निगम के इंजीनियरों को अब सड़क (Now the municipal corporation engineers have to do the road work.) , नाली, स्ट्रीट लाइट और निर्माण कार्यों की निगरानी से अधिक  (More than just monitoring construction work) 3 हजार से 5 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। वार्डों का बंटवारा कर इंजीनियरों को वृक्षारोपण की जिम्मेदारी सौंप (Engineers have been assigned the responsibility for tree plantation after the allocation of wards.) दी गई है।

हैरानी की बात यह है कि जिस नगर निगम में सड़कों पर गड्ढे (Potholes on municipal roads) , नालियों में जाम, कचरे के ढेर और अधूरे विकास कार्य आम बात बन चुके हैं, वहां तकनीकी अधिकारियों को उनके मूल कार्यों से हटाकर दूसरे कामों (Technical officers are being shifted from their original duties to other tasks.) में लगाया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार नगर निगम में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर सिविल कार्यों की निगरानी (Supervision of civil works by an electrical engineer in the Municipal Corporation.) कर रहे हैं, जबकि सिविल इंजीनियरों को अन्य तकनीकी जिम्मेदारियां सौंपी (Civil engineers assigned other technical responsibilities.) जा रही हैं। इससे विकास कार्यों की गुणवत्ता (Quality of development works) और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारों का मानना है कि जब तकनीकी व्यवस्था ही असंतुलित होगी तो भ्रष्टाचार (If the technical system itself is unbalanced, then corruption…) और लापरवाही को बढ़ावा मिलना स्वाभाविक (It is natural for negligence to be encouraged.) है।

बदहाल शहर, लेकिन दावों की चमक बरकरार

एक ओर नगर निगम बजट संकट से जूझ रहा है, दूसरी ओर शहर की मूलभूत सुविधाएं चरमराई हुई हैं।

सड़कों पर गड्ढों की भरमार।

नालियां जाम।

जगह-जगह कचरे के ढेर।

कई क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था ठप।

स्ट्रीट लाइटों की समस्या।

कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी।

ड्राइवर, कंप्यूटर ऑपरेटर, स्वच्छता कर्मी और अन्य कर्मचारी समय पर वेतन नहीं मिलने की शिकायत कर  (Other employees complain about not getting their salaries on time.) रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम विकास (Despite municipal development) और स्वच्छता के बड़े-बड़े दावे करने में पीछे  (Lagging behind in making tall claims about cleanliness.) नहीं है।

स्वच्छता पर करोड़ों खर्च, फिर भी कचरे से परेशान शहर

नगर निगम द्वारा स्वच्छता व्यवस्था के नाम पर हर माह करोड़ों रुपये खर्च किए  (Crores of rupees were spent every month in the name of the sanitation system.) जा रहे हैं। CLC फर्म के माध्यम से स्वच्छता कर्मी, ड्राइवर और कंप्यूटर ऑपरेटर उपलब्ध कराने की व्यवस्था (Arrangement for providing computer operators)  की गई, लेकिन जमीनी हकीकत में कई वार्डों में पर्याप्त कर्मचारी तक नहीं पहुंच पा  (The ground reality is that adequate staff have not even reached many wards.) रहे हैं।

कई क्षेत्रों में नियमित कचरा संग्रहण नहीं (No regular garbage collection in the areas.)  हो रहा, सफाई वाहन नहीं पहुंच रहे और वार्डों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जनता पूछ रही है कि जब करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं तो उसका परिणाम आखिर कहां दिखाई (When crores of rupees are being spent, where exactly is the result visible?)  दे रहा है?

विकास का मॉडल या अव्यवस्था का प्रतीक?

नगर निगम लगातार विकास की उपलब्धियां गिनाने (Listing the achievements of continuous development)  में लगा हुआ है, लेकिन जमीनी तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। शहर की मूल समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं और अब इंजीनियरों को पौधारोपण के लक्ष्य देकर प्रशासन अपनी प्राथमिकताओं पर स्वयं सवाल खड़े (By assigning tree-planting targets to engineers, the administration is now raising questions about its own priorities.) कर रहा है।

वृक्षारोपण पर्यावरण के लिए आवश्यक  (Tree plantation is essential for the environment.) है, लेकिन जब शहर की बुनियादी व्यवस्थाएं चरमरा (basic systems crumble)  रही हों, तब तकनीकी अधिकारियों को विकास कार्यों से हटाकर पौधे लगाने में व्यस्त करना क्या उचित (Is it appropriate to divert technical officers from development works and engage them in planting saplings?)  है?

सिंगरौली की जनता जानना चाहती है कि नगर निगम पहले शहर की टूटी व्यवस्था सुधारेगा या फिर आंकड़ों और प्रचार की हरियाली से अपनी नाकामियों को ढकने का प्रयास करेगा।

 

— अवनीश तिवारी
नई ताकत न्यूज नेटवर्क
www.naitaqat.in
मो. 6260614152

 

 

 

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