Singrauli News: आदिवासियों की 5 एकड़ और सरकारी 5 एकड़ जमीन पर कब्जे का आरोप! SDM कार्यालय में कथित फर्जी बाबूगिरी पर सवाल, कलेक्टर कब करेंगे जांच?

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Singrauli News: आदिवासियों की 5 एकड़ और सरकारी 5 एकड़ जमीन पर कब्जे का आरोप! SDM कार्यालय में कथित फर्जी बाबूगिरी पर सवाल, कलेक्टर कब करेंगे जांच?

स्थानीय सरपंच का गंभीर आरोप; बैजनाथ मिश्रा की भूमिका पर सवाल, लोलारक मिश्रा को लेकर भी शिकायतकर्ता पक्ष ने उठाए सवाल?

नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली

Singrauli News:  मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की देवसर तहसील के ग्राम बुढ़ाडाड़ में आदिवासी परिवार की जमीन और सरकारी भूमि को लेकर विवाद गहराता जा रहा (The dispute concerning the land of a tribal family and government land is intensifying.)  है। एक स्थानीय सरपंच ने आरोप लगाया है कि लगभग पांच एकड़ आदिवासी भूमि और पांच एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा किया (A local sarpanch has alleged that about five acres of tribal land and five acres of government land have been encroached upon.)  गया है। इस संबंध में कलेक्ट्रेट में शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई (Information has emerged regarding a complaint filed at the Collectorate in this connection.)  है। अब सवाल है कि इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कब होगी?

सरपंच के आरोपों से उठा भूचाल, 10 एकड़ जमीन की जांच की मांग

स्थानीय सरपंच के आरोपों के अनुसार, पांच एकड़ आदिवासी भूमि और पांच एकड़ सरकारी जमीन पर कथित कब्जे का मामला जांच योग्य (The case of alleged encroachment upon five acres of tribal land and five acres of government land warrants an investigation.) है। शिकायतकर्ता रामानुज कोल एवं अन्य आवेदकों ने भी भूमि विवाद को लेकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।

हालांकि, जमीन पर वास्तविक कब्जे की स्थिति और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी (Independent verification of the actual state of possession on the ground and the roles of the individuals involved is yet to be carried out.) है। राजस्व अभिलेखों, मूल आवंटन आदेशों और सीमांकन के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट (The actual situation becomes clear only on the basis of revenue records, original allotment orders, and demarcation.) हो सकती है।

बैजनाथ मिश्रा पर SDM कार्यालय में कथित बाबूगिरी का आरोप

इस मामले में बैजनाथ मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया गया है कि वह SDM कार्यालय में कथित रूप से बाबूगिरी करते हैं, जबकि फोन पर बातचीत के दौरान बैजनाथ मिश्रा ने बताया कि वह कार्यालय में कोई काम नहीं करते और न ही किसी पद पर हैं।

उनके इस बयान के बाद प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी वास्तविक पदस्थापना क्या है और क्या उन्हें किसी प्रकार का कार्यालयीन कार्य सौंपा गया (Were they assigned any kind of office work?) है।

यदि कोई व्यक्ति सरकारी पद पर नहीं है, तो क्या उसे सरकारी फाइलों और राजस्व प्रकरणों से संबंधित कार्य करने की अनुमति है?(If an individual does not hold a government position, are they permitted to handle tasks related to government files and revenue matters?)  इसका जवाब नियुक्ति अभिलेखों और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान से मिलना चाहिए।

SDM और कलेक्टर से सीधे सवाल

कलेक्टर सिंगरौली और SDM देवसर से मांग है कि कथित कब्जे, भूमि आवंटन, सरकारी जमीन की स्थिति और कार्यालयीन कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई (The demand is for an impartial investigation into alleged encroachments, land allotments, the status of government land, and official administrative procedures.) जाए। यदि किसी प्रकार की अनियमितता प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई (If any irregularity is proved, action will be taken as per rules.) की जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार से भी सवाल है कि आदिवासी परिवार की जमीन से संबंधित शिकायत पर प्रशासनिक जवाबदेही कैसे सुनिश्चित (A question also arises for the government: how can administrative accountability be ensured regarding complaints concerning the land of tribal families?)  की जाएगी?

नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क का सवाल: आदिवासी की जमीन और सरकारी भूमि से जुड़े इतने गंभीर आरोपों के बाद प्रशासन कब दस्तावेजों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करेगा?

शेष (कई खुलासे बाकी ) आगे

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