Singrauli News: सिंगरौली की सब्जी मंडी में गंदगी का तांडव, कीचड़ में कारोबार को मजबूर व्यापारी—जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठे तीखे सवाल?

Follow Us

Advertisement

Singrauli News: सिंगरौली की सब्जी मंडी में गंदगी का तांडव, कीचड़ में कारोबार को मजबूर व्यापारी—जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठे तीखे सवाल?

नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली

Singrauli News: सिंगरौली शहर की सब्जी मंडी में व्यवस्था (Arrangements at the vegetable market in Singrauli city) के नाम पर क्या हो रहा है, इसकी तस्वीरें खुद हकीकत बयां कर रही हैं। मंडी परिसर में चारों तरफ गंदगी, कीचड़ (Dirt and mud all around the market premises) और गंदा पानी जमा है। हालात ऐसे हैं कि जहां लोगों को सब्जी खरीदने के लिए आना चाहिए, वहां उन्हें गंदगी और जलभराव से जूझना पड़ (They have to deal with dirt and waterlogging.)  रहा है।

मंडी में सुबह से ही किसानों, व्यापारियों और खरीदारों की आवाजाही शुरू (The movement of farmers, traders and buyers started in the market since morning.) हो जाती है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में पूरा परिसर बदहाल नजर (The entire complex appears to be in a dilapidated state due to the lack of basic amenities.) आता है। बारिश होते ही जलभराव और कीचड़ की समस्या और विकराल (The mud problem has become even more severe.) हो जाती है।

सवाल सीधा है—मंडी की सफाई आखिर कौन कराएगा?
व्यापारियों का कहना है कि मंडी परिसर में नियमित साफ-सफाई (Traders say that regular cleaning is done in the market premises.)  और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदगी लगातार बढ़ती (Filth continues to accumulate due to the lack of a drainage system.) जा रही है। पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से जगह-जगह गंदा पानी जमा रहता है।
ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि मंडी की देखरेख और साफ-सफाई की जिम्मेदारी संभालने वाला तंत्र (The system responsible for sanitation and cleanliness) आखिर कर क्या रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को मंडी की यह बदहाल तस्वीर दिखाई (Was this dismal state of the *mandi* shown to the responsible officials?)  नहीं देती?

व्यापारी सड़क पर, मंडी के भीतर बदहाली
मंडी में पर्याप्त और व्यवस्थित स्थान नहीं मिलने के कारण कई व्यापारियों को सड़क (Due to lack of proper space, many traders had to face the problem of road.)  और फुटपाथ पर दुकान लगाने की मजबूरी है। इससे न केवल यातायात प्रभावित होता (Only traffic would be affected.) है, बल्कि खरीदारों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
विडंबना यह है कि जिस मंडी में व्यापारियों और किसानों के लिए सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए (Facilities for traders and farmers should be developed in the mandi.) थीं, वहीं व्यापारी सड़क और फुटपाथ पर कारोबार करने को मजबूर हैं।
कीचड़ में सब्जी खरीदने पहुंच रहे लोग

मंडी में आने वाले खरीदारों की परेशानी भी कम नहीं है। गंदगी और कीचड़ के बीच से गुजरकर लोगों को सब्जी खरीदनी पड़ रही है। कई स्थानों पर जमा गंदा पानी मंडी की सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
व्यापारियों का कहना है कि मंडी की खराब स्थिति का सीधा असर कारोबार (The poor condition of the mandi is directly impacting business.) पर पड़ रहा है। गंदगी देखकर ग्राहक मंडी में आने से बचते हैं और कई बार बिना खरीदारी किए वापस लौट जाते हैं।रात में अंधेरा, सुरक्षा पर भी सवाल
मंडी परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने की शिकायत (Complaint regarding inadequate lighting arrangements in the mandi complex.) भी सामने आई है। शाम ढलते ही कई हिस्सों में अंधेरा छा जाता है। व्यापारियों के मुताबिक रात में सुनसान स्थानों पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी परेशानी का कारण बनता है।
व्यापारियों की मांग है कि मंडी परिसर में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं और सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की जाए।
सिर्फ आश्वासन नहीं, अब चाहिए कार्रवाई
व्यापारियों और खरीदारों का कहना है कि मंडी की समस्या कोई नई नहीं है। लंबे समय से सफाई, जलनिकासी, प्रकाश और व्यवस्थित दुकान व्यवस्था की मांग उठती रही है। लेकिन यदि स्थिति अभी भी जस की तस है तो जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक (It is natural for questions to be raised about the working style of those responsible.) है।
व्यापारियों ने मांग की है कि मंडी परिसर की तत्काल सफाई कराई (The mandi premises were cleaned immediately.जाए, जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त हो, नियमित सफाई की निगरानी की जाए और सड़क-फुटपा) थ पर दुकान लगाने की मजबूरी खत्म करने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जाए।
अब सवाल यह है कि गंदगी और कीचड़ से घिरी इस मंडी की तस्वीर कब बदलेगी? क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे या बीमारी के फैलने का इंतजार कर रहा है, या फिर व्यापारियों और खरीदारों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जाएगी?

#

Related News

August 14, 2026

August 14, 2026

August 14, 2026

August 14, 2026

August 14, 2026

August 13, 2026

Leave a Comment