Singrauli News: सिंगरौली में 11.20 लाख के आंगनबाड़ी भवन की खुली पोल; हैंडओवर के 6 महीने में टूटा फर्श, दीवारों और बाउंड्री में दरारें, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल?
नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली
Singrauli News: सिंगरौली जनपद पंचायत बैढ़न क्षेत्र की ग्राम पंचायत रौंदी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र (Anganwadi centre located in Gram Panchayat Raundi, in the Baidhan area of Singrauli Janpad Panchayat) क्रमांक-1 के भवन की हालत ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी राशि के उपयोग पर सवाल खड़े कर दिए (The condition of the building has raised questions regarding the quality of construction work and the utilization of government funds.) हैं।करीब 11 लाख 20 हजार रुपये की लागत से निर्मित इस भवन को अप्रैल 2026 में ग्राम पंचायत द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग को हैंडओवर किए जाने की जानकारी सामने (Information has emerged regarding the handover to the Department of Women and Child Development.) आई है। लेकिन भवन की मौजूदा स्थिति देखकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक भवन के फर्श की सतह कई जगह से टूटने लगी है। दीवारों और बुनियाद में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दे (According to reports, the building’s floor surface has begun to crumble in several places. Large cracks are visible in the walls and foundation.) रही हैं। यहां तक कि बाउंड्री भी दरारों की चपेट में आ गई है। भवन की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जब भवन निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए, तो इतनी जल्दी इस तरह की खामियां सामने (Villagers are angry. They say that when millions of rupees were spent on building the building, why should such defects be revealed so quickly?) कैसे आने लगी?
शौचालय तो बना, परंतु पानी की व्यवस्था नही
हैरानी की बात यह है कि केंद्र में शौचालय का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं की (Toilets have been constructed at the center, but no provision has been made for water.) गई। वहीं दरवाजों की हालत भी जर्जर बताई जा रही है। बिजली, रोशनी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव भी केंद्र की व्यवस्था पर सवाल खड़े (Lack of basic facilities also raises questions on the system of the Centre) कर रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के दौरान एक बार छत गिर गई (Villagers have also alleged that the roof collapsed once during the construction work.) थी, जिसके बाद दोबारा निर्माण कराया गया। यदि यह दावा सही है, तो निर्माण की निगरानी और गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया की पड़ताल जरूरी (It is essential to examine the processes for construction monitoring and quality checks.) है। सवाल यह भी है कि भवन का मूल्यांकन करने वाले उपयंत्री ने किन मानकों के आधार पर कार्य को (On the basis of which standards did the sub-engineer who evaluated the building evaluate the work?) सही पाया और भुगतान की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई? इधर ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण में कथित अनियमितताओं के कारण सरकारी राशि के सदुपयोग पर संदेह पैदा (Meanwhile, villagers allege that alleged irregularities in the construction of the building have raised doubts about the proper use of government funds.) हो रहा है। हालांकि इन आरोपों की अधिकारिक पुष्टि नही हो पाई।







