Singrauli News: सिंगरौली में 23 लाख का स्टाफडैम पहली बारिश में धराशायी, निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल?

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Singrauli News: सिंगरौली में 23 लाख का स्टाफडैम पहली बारिश में धराशायी, निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल?

नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली

Singrauli News: सिंगरौली के बैढ़न जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत सितुलखुर्द के नौढ़िया (Naudhiya of Situlkhurd Gram Panchayat of Baidhan district area)  में करीब 23.30 लाख रुपये की लागत से बनाया गया स्टाफडैम पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त होकर टूट (The staff dam was damaged and broke in the first rain itself.) गया। लौआ नदी पर बने इस स्टाफडैम से ग्रामीणों को लंबे समय तक सुविधा मिलने की उम्मीद (Villagers are expected to benefit for a long time from this stop dam built on the Lauwa River.)  थी, लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद ढांचा जवाब दे गया।

 

स्टाफडैम के टूटने के बाद निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, तकनीकी मानकों और विभागीय निगरानी को लेकर सवाल (Questions about the materials used in construction, technical standards and departmental monitoring) उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता (Villagers allege that the quality of construction work is poor.) के मानकों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

 

सरपंच-सचिव की भूमिका पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों ने सरपंच राजकुमारी साकेत और सचिव शिव कुमार की भूमिका की जांच की मांग करते हुए निर्माण सामग्री की खरीद, मौके पर उपयोग (Demanding investigation into the role of purchase of construction material, its use on the spot) और भुगतान रिकॉर्ड का मिलान कराने की बात कही है। साथ ही संबंधित बिलों, स्टॉक, भुगतान विवरण और जीएसटी दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन की मांग भी उठाई (A demand for the physical verification of GST documents was also raised.)  गई है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि माप पुस्तिका, तकनीकी स्वीकृति, सामग्री की मात्रा और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच से ही स्पष्ट (It is evident from the examination of payment-related documents alone.)  हो सकेगा कि निर्माण में कहीं लापरवाही या अनियमितता (Negligence or irregularity somewhere in the construction) हुई है या नहीं।

 

फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं (No official confirmation of the allegations.)  हुई है। अब निगाहें प्रशासन की जांच (All eyes on the administration’s probe)  पर हैं कि 23.30 लाख रुपये की लागत से बना यह स्टाफडैम इतनी जल्दी क्यों टूट गया और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

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