Singrauli News: सिंगरौली में प्रशासक सम्मेलन का संदेश—कर्मयोग, अनुशासन और निरहंकारिता से ही मजबूत होगा प्रशासनिक कौशल
नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली
Singrauli News: सिंगरौली ब्रह्माकुमारीज के तपोवन परिसर विंध्यनगर में प्रशासक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन (Administrators’ Conference and Felicitation Ceremony Organized at the Brahmakumaris’ Tapovan Complex in Vindhyanagar, Singrauli) किया गया।कर्मयोग द्वारा सशक्त भारत विषय को स्पष्ट (Explain the theme of India empowered by Karmayoga) करते हुए राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शैलजा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में एक कुशल प्रशासक वही बन सकता (While addressing the gathering, he stated that in the present times, only a person who is a skilled administrator can…) है, जिसने अपने जीवन में निरहंकारिता को अपनाया हो, जिसके पास परोपकारी प्रवृत्ति हो, स्नेह-प्यार हो, दया करूणा हो, वही एक अच्छा प्रशासक बन सकता है। राजयोगी ब्रह्माकुमार राजू ने अपना वक्तव्य रखते हुए कहा कि अवधेश की ममतामयी पालना, अथक मेहनत, लगन और परिश्रम का कमाल है कि आपने म.प्र. और उ.प्र. के विभिन्न जिलों में 300 से अधिक सेवाकेंद्रों की स्थापना की।
वहीं केके होता एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एनटीपीसी विंध्यनगर ने समारोह को सम्बोधित (The Executive Director of NTPC Vindhyanagar addressed the ceremony.) करते हुये कहा कि राजनीति और प्रशासन के शुद्धिकरण के बिना व्यवस्थापन कौशल सम्भव नहीं (Managerial skills cannot be achieved without the purification of politics and administration.) है। स्वनियमन और स्व अनुशासन भी बहुत जरूरी है। कथावाचक विजयलक्ष्मी शुक्ला ने कहा कि श्रीमद भगवत गीता कर्म पर केन्द्रित है। यह हमें सिखाता है कि सोच समझकर कर्म करो। नतीजे के बारे में सोचकर कर्म करना चाहिए। साथ ही ब्रह्माकुमारी किरण ने कहा कि वर्तमान समय भगवान पशुपतिनाथ हम आत्माओं को पावन बनाने (In the present times, Lord Pashupatinath is purifying our souls.) के लिए आ चुके हैं। अब हमें उनकी आज्ञा के अनुसार पावन बनना है। इधर प्रियंका एवं उनके ग्रुप ने सुंदर स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर (The group mesmerized everyone by performing a beautiful welcome dance.) दिया।







