जियावन में रेत माफियाओं का साम्राज्य, पुलिस-प्रशासन के सामने धड़ल्ले से अवैध उत्खनन

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Friday, April 3, 2026 10:50 AM

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जियावन में रेत माफियाओं का साम्राज्य, पुलिस-प्रशासन के सामने धड़ल्ले से अवैध उत्खनन

महानदी के अस्तित्व पर खतरा, एंट्री के नाम पर वसूली के आरोप— दिन और रातभर सड़कों पर दौड़ते हाईवा-ट्रैक्टर

नई ताकत ब्यूरो सिंगरौली
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SINGRAULI NEWS:  जियावन थाना क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन (Illegal Sand Mining) और परिवहन (transportation)  का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात यह हैं कि रेत माफियाओं (The Sand Mafia) के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे पुलिस और प्रशासनिक कार्यालयों (Administrative offices) के सामने से ही बेखौफ होकर रेत से भरे हाईवा (Fearlessly, sand-laden Hyvas) और ट्रैक्टर (Tractor) निकाल रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप (Allegations by locals) है कि यह पूरा खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी (responsible officer) इस ओर आंखें मूंदे बैठे हैं।जानकारी के अनुसार, महानदी घाट बसहा, छीवा और सहूआर क्षेत्र से बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। रात के अंधेरे में नदी के सीने को चीरकर मशीनों और मजदूरों की मदद से रेत निकाली जाती है और फिर उसे ट्रैक्टर-ट्रॉली और हाईवा वाहनों के जरिए अन्य स्थानों (Other Places) तक पहुंचाया जाता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह अवैध परिवहन जियावन थाना और एसडीओपी कार्यालय (SDOP Office) के सामने से ही होता है, जिससे प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठना लाजिमी(It is only natural for questions to be raised regarding the role of the administration.)  है।

 

 

स्थानीय नागरिकों (Local citizens)  का कहना है कि रेत माफियाओं का नेटवर्क (The Sand Mafia Network) इतना मजबूत हो चुका है कि उन्हें किसी भी तरह की कार्रवाई का डर नहीं है। सहूआर चौराहे के पास और थाना परिसर के आसपास रातभर दर्जनों गाड़ियां खड़ी रहती हैं। इन गाड़ियों में बैठे लोग प्रशासनिक गतिविधियों पर नजर रखते हैं और जैसे ही कोई कार्रवाई की संभावना होती है, तुरंत माफियाओं को सूचना (Notice to the Mafia) दे दी जाती है।
विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि इस पूरे अवैध कारोबार (Illegal Trade) के पीछे “एंट्री” का खेल चल रहा है। आरोप है कि कुछ कारखासों द्वारा रेत माफियाओं से मोटी रकम (Hefty sums from the sand mafia) लेकर उन्हें निर्बाध रूप से काम करने की छूट दी जाती है। यही कारण है कि खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई (Hefty sums from the sand mafia) जा रही हैं और कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति (Mere formality) हो रही है।रेत के इस अवैध उत्खनन (Illegal Mining)  का सबसे बड़ा नुकसान पर्यावरण (Environmental Damage) और क्षेत्र की जीवनदायिनी महानदी (The Lifeline of the Region: The Mahanadi) को हो रहा है। लगातार हो रहे खनन से नदी का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। नदी की गहराई असंतुलित (Unbalanced) हो रही है, जिससे जलस्तर पर भी असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह खनन जारी रहा, तो आने वाले समय में महानदी का अस्तित्व ही खतरे (The very existence of the Mahanadi is currently at risk.) में पड़ सकता है।

 

 

 

 

गौरतलब है कि महानदी को इस क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। हजारों ग्रामीण इसी नदी के पानी पर निर्भर हैं। खेती-किसानी से लेकर दैनिक उपयोग (Daily Use) तक के लिए यह नदी बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन अवैध खनन ने इस जीवनदायिनी स्रोत को संकट में डाल (Endangering the life-sustaining source) दिया है। स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन से शिकायत (The locals complained to the administration several times.) की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।इस अवैध कारोबार से सरकार (The Government and Illegal Trade) को भी भारी राजस्व का नुकसान (Heavy Revenue Loss) हो रहा है। अनुमान है कि प्रतिदिन लाखों रुपये का रेत बिना रॉयल्टी (Royalty-Free Sand) के निकाला और बेचा जा रहा है। इससे न केवल सरकारी खजाने को चपत (Raiding the Government Exchequer) लग रही है, बल्कि वैध ठेकेदारों का व्यवसाय भी प्रभावित (Contractors’ businesses also affected.) हो रहा है।
जनता का कहना है कि यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और भयावह हो सकती है। लोगों ने जिला प्रशासन (District Administration) और उच्च अधिकारियों से मांग (Demand from High-Ranking Officials) की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच (Impartial investigation) कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, अवैध उत्खनन पर तत्काल रोक लगाकर महानदी को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे (The administration [addresses] this serious issue.) पर कब जागता है और क्या रेत माफियाओं पर नकेल (Is the Sand Mafia Being Reined In?) कसने के लिए कोई ठोस रणनीति बनाई जाती है, या फिर यूं ही खुलेआम प्राकृतिक संसाधनों (Openly natural resources) की लूट जारी रहेगी।

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