BREAKING NEWS: RBI के मास्टरस्ट्रोक से भारतीय रुपया संभला: तेल कंपनियों ने डॉलर की मांग पर रोक लगाई, डिमांड 25 पैसे बढ़ी, कीमत 92.95 पर पहुंची
BREAKING NEWS: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कड़े कदमों (Strict measures) के चलते शुक्रवार को शुरुआती कारोबार (Early trading) में रुपया US डॉलर के मुकाबले 25 पैसे मजबूत होकर 92.95 पर पहुंच गया। मार्केट सूत्रों (Market Sources) के मुताबिक, सेंट्रल बैंक ने पब्लिक सेक्टर की तेल रिफाइनरियों को स्पॉट मार्केट से डॉलर खरीदने (Oil refineries to purchase dollars from the spot market) के बजाय स्पेशल क्रेडिट लाइन (Special Credit Line) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। RBI के इस स्ट्रेटेजिक दखल से मार्केट में डॉलर की आर्टिफिशियल डिमांड कम (Market intervention reduces artificial demand for the dollar.) हुई, जिससे घरेलू मार्केट में रुपये को बड़ी राहत (Major Relief for the Rupee in the Domestic Market) मिली, जो पिछले सेशन में 93.20 पर बंद हुआ था।
रुपये की इस बढ़त को इंटरनेशनल फैक्टर्स (International Factors) से भी काफी सपोर्ट (Significant support) मिला है। इज़राइल और लेबनान के बीच सीजफायर बातचीत और US-ईरान बातचीत में प्रोग्रेस की उम्मीदों ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स का भरोसा (Global Investors’ Confidence) बढ़ाया है। इसके अलावा, इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट (Decline in crude oil prices in the international market.) आई है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 1% से ज़्यादा गिरकर $97.99 प्रति बैरल पर आ गईं। इससे भारत के इंपोर्ट बिल का बोझ कम (Burden of India’s Import Bill Eases) होने, विदेशी करेंसी रिज़र्व पर दबाव कम होने और रुपये के मज़बूत होने की उम्मीद (Hope for Strength) है।
घरेलू शेयर बाज़ार (Domestic Stock Market) की अच्छी शुरुआत से करेंसी मार्केट में भी रुपये को सपोर्ट (A good start also supported the rupee in the currency market.) मिला, हालांकि दुनिया भर में डॉलर की मज़बूती ने इस बढ़त (The strength of the dollar worldwide has contributed to this increase.) को एक सीमित दायरे में रखा। दूसरी ओर, कीमती धातुओं के बाज़ार में तेज़ी रही; सोने का वायदा भाव थोड़ी बढ़त (Gold Futures Edge Higher) के साथ 1,53,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था, जबकि चांदी का वायदा भाव 2,50,716 रुपये के इंट्रा-डे हाई पर पहुँच गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर जियोपॉलिटिकल तनाव (Geopolitical tensions) और कम होता है, तो आने वाले दिनों में भारतीय करेंसी (Indian Currency in the Coming Days) में और स्थिरता आ सकती है।







