Breaking News: महंगाई का बड़ा झटका, फिर बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम,10 दिनों में तीसरी बार बढ़ी कीमतें, पेट्रोल-डीज़ल करीब 5 रुपये महंगे, CNG ने भी बढ़ाया जनता का बोझ
Breaking News: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव (Ongoing Tensions in the Middle East) की वजह से भारत में फ्यूल के दाम लगातार बढ़ (Due to this, fuel prices in India are continuously increasing.) रहे हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने आज फिर पेट्रोल (Government oil companies again increased petrol prices today) 87 पैसे और डीज़ल 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिया। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के दाम बदले (Prices of Petroleum Products Revised) गए हैं, जिससे पेट्रोल (petrol) और डीज़ल कुल मिलाकर करीब 5 रुपये महंगे हो गए हैं। CNG के दाम भी 1 रुपये प्रति kg बढ़ाए गए हैं।
इन बदलावों के बाद, नई दिल्ली में पेट्रोल का नया दाम (New Petrol Prices in New Delhi) 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल का 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, CNG के दाम बढ़कर 81.09 रुपये प्रति kg हो गए हैं। लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम जनता के महीने के बजट (Rising prices have a direct impact on the monthly budget of the common people.) पर पड़ रहा है। बढ़ते ट्रांसपोर्टेशन (Transportation) और माल ढुलाई के खर्च का असर दूसरी ज़रूरी चीज़ों के दामों पर भी पड़ रहा है, जिससे मिडिल क्लास पर दोहरी मार पड़ (The middle class is facing a double whammy) रही है। देश में फ्यूल की बढ़ती कीमतों (Rising fuel prices in the country) के बीच, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने जनता को भरोसा (The Union Ministry of Petroleum has reassured the public.) दिलाया है कि देश में पेट्रोल (Petrol in the Country) और डीज़ल का काफ़ी स्टॉक मौजूद (Substantial stock of diesel available.) है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया के ज़रिए साफ़ (The ministry clarified through social media) किया है कि सप्लाई चेन स्थिर बनी (The supply chain remained stable.) हुई है और जनता को किसी भी अफ़वाह पर ध्यान देने की ज़रूरत (No need to pay attention to any rumors.) नहीं है। हालांकि, इंटरनेशनल लेवल पर कच्चे तेल की कीमतों (International crude oil prices) में उतार-चढ़ाव के कारण फ्यूल की कीमतों में यह बढ़ोतरी फिलहाल चिंता (This rise in fuel prices, driven by an upward trend, is currently a cause for concern.) का विषय बनी हुई है।







