कचरा उठाने में सीटा डेल ने बढ़ाई रफ्तार, हर गली-मोहल्ले तक पहुंच रहीं गाड़ियां
शहर से कचरा और मृत पशु उठाने की व्यवस्था में दिखा सुधार, लेकिन मृत पशुओं के निस्तारण के दौरान उठती तेज बदबू से आसपास के रहवासियों में नाराजगी
नई ताकत न्यूज नेटवर्क
सिंगरौली। नगर निगम सिंगरौली क्षेत्र में कचरा संग्रहण एवं स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सीटा डेल कंपनी ने अपनी गतिविधियों में तेजी लाई है। शहर के विभिन्न गली-मोहल्लों में कचरा संग्रहण के लिए वाहन पहुंचते नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही कंपनी द्वारा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से मृत पशुओं को भी उठाने का कार्य किया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर देखा जाए तो पहले की अपेक्षा कचरा संग्रहण व्यवस्था में सुधार दिखाई दे रहा है। नियमित रूप से गाड़ियों के पहुंचने से लोगों को घरों एवं मोहल्लों में कचरा जमा रहने की समस्या से कुछ राहत मिली है। कंपनी का प्रयास बताया जा रहा है कि शहर में कचरा खुले में न पड़े और मृत पशुओं को भी सार्वजनिक स्थानों पर फेंके जाने या लंबे समय तक पड़े रहने की स्थिति न बने।
*मृत पशुओं के निस्तारण को लेकर रहवासियों की आपत्ति*
हालांकि मृत पशुओं के निस्तारण को लेकर कुछ इलाकों में स्थानीय रहवासियों की परेशानी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि कंपनी की फैक्ट्री परिसर में मृत पशुओं के निस्तारण के दौरान तेज दुर्गंध फैलती है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि दुर्गंध के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और इसी वजह से कई बार विरोध की स्थिति बनती है।
रहवासियों की आपत्ति का मुख्य कारण मृत पशुओं को खुले में छोड़ना नहीं, बल्कि उनके निस्तारण की प्रक्रिया के दौरान आसपास फैलने वाली दुर्गंध बताई जा रही है।
*खुले में मृत पशु पड़े रहने से बेहतर निस्तारण जरूरी*
दूसरी ओर, कंपनी का प्रयास बताया जा रहा है कि मृत पशुओं को शहर की सड़कों, नालियों या खुले स्थानों पर नहीं छोड़ा जाए। समय पर मृत पशुओं को उठाकर उनका निस्तारण किया जाए, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर सड़ने वाले पशुओं से होने वाली दुर्गंध और गंदगी की समस्या को रोका जा सके।
स्वच्छता के लिहाज से यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा सकती है, क्योंकि शहर में मृत पशुओं का खुले में पड़े रहना भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता है।
*कचरा उठाने की व्यवस्था में दिख रहा बदलाव*
सीटा डेल की ओर से वर्तमान में शहर के अलग-अलग हिस्सों में कचरा संग्रहण के लिए वाहनों की आवाजाही बढ़ाई गई है। कई मोहल्लों में नियमित कचरा संग्रहण होने से स्वच्छता व्यवस्था पहले की तुलना में बेहतर दिखाई दे रही है।
अब चुनौती यह है कि कचरा संग्रहण के साथ-साथ उसके वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय तरीके से निस्तारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित हो।
मृत पशुओं के निस्तारण को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायतों पर भी नगर निगम और कंपनी को ध्यान देने की जरूरत है, ताकि स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने के साथ आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध जैसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
*जनता की मांग—स्वच्छता भी रहे, परेशानी भी न हो*
शहरवासियों की अपेक्षा है कि कचरा और मृत पशुओं के संग्रहण की व्यवस्था इसी तरह लगातार बेहतर होती रहे, लेकिन निस्तारण के दौरान निकलने वाली दुर्गंध को नियंत्रित करने के लिए भी प्रभावी उपाय किए जाएं।
खुले में कचरा और मृत पशु पड़े रहना भी समस्या है और निस्तारण के दौरान आसपास के रहवासियों को दुर्गंध झेलना भी। समाधान ऐसी व्यवस्था है जिसमें शहर साफ भी रहे और लोगों को परेशानी भी न हो।
कुल मिलाकर, सीटा डेल द्वारा कचरा संग्रहण की गति बढ़ाने और मृत पशुओं को उठाने की व्यवस्था में सक्रियता दिखना स्वच्छता के लिहाज से सकारात्मक कदम है। अब जरूरत है कि निस्तारण प्रक्रिया को और बेहतर बनाकर स्वच्छता और स्थानीय लोगों की सुविधा—दोनों के बीच संतुलन बनाया जाए।







