Singrauli News: काम कराने के नाम पर लाखों रुपये लेने का आरोप, न काम हुआ न रकम वापस—आखिर कौन है अदाणी कंपनी का प्रवीण जायसवाल?
नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली
Singrauli News: सिंगरौली में अदाणी कंपनी से जुड़े अधिकारी (Officials associated with the Adani company in Singrauli) प्रवीण जायसवाल को लेकर गंभीर आरोप सामने (Serious allegations have surfaced.) आ रहे हैं। आरोप है कि कंपनी में कोऑपरेटिव अफेयर (Cooperative Affairs) से जुड़े काम देखने वाले प्रवीण जायसवाल ने कई लोगों से अलग-अलग काम कराने के नाम पर लाखों रुपये लिए, लेकिन कथित तौर पर लंबे समय बाद भी न तो संबंधित काम (Neither related work reportedly remained unrelated even after a long time.) गया और न ही रकम वापस की गई।
सूत्रों के मुताबिक, मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। दर्जनों लोगों से अलग-अलग कार्यों के नाम पर रकम (Money collected from dozens of people in the name of different works) लिए जाने की चर्चा सामने आ रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित लोगों के बयान एवं दस्तावेज सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट (The actual situation of the entire matter will become clear only after the statements and documents of the concerned people are revealed.) हो सकेगी।
काम का भरोसा, रकम लेने के बाद कथित तौर पर खामोशी
शिकायतकर्ताओं का आरोप (Allegations by the complainants) है कि प्रवीण जायसवाल द्वारा कंपनी से जुड़े विभिन्न कार्यों को कराने का भरोसा (Assurance of getting various company-related tasks executed.) दिया गया। इसी भरोसे में लोगों ने कथित तौर पर बड़ी रकम उपलब्ध (People in trust allegedly made available large sums of money) कराई। लेकिन समय बीतने के बावजूद जब काम नहीं हुआ तो रकम वापस मांगने पर भी कथित तौर पर टालमटोल की स्थिति बनी हुई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी व्यक्ति ने वास्तव में कंपनी में काम कराने के नाम पर रकम ली है, तो उस रकम का हिसाब क्या है? पैसा किस आधार पर लिया गया? किस काम के लिए लिया गया? और यदि काम नहीं हुआ तो रकम वापस क्यों नहीं की गई?
अदाणी प्रबंधन की जानकारी में है या नहीं?
मामले में यह भी अहम सवाल उठता है कि यदि आरोप सही हैं तो क्या अदाणी कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन को इसकी जानकारी (If the allegations are true, was the senior management of the Adani company aware of this?) है? क्या प्रवीण जायसवाल को कंपनी की ओर से किसी प्रकार की अधिकृत भूमिका या अधिकार प्राप्त है, जिसके आधार पर वे लोगों से काम कराने की बात करते हैं?
यदि कंपनी के नाम या पद का इस्तेमाल कर किसी व्यक्ति से पैसा लिया गया है, तो कंपनी प्रबंधन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर स्थिति स्पष्ट (If money has been collected from an individual, the company management should conduct an impartial investigation into the entire matter and clarify the situation.) करनी चाहिए।
अब शिकायतकर्ता सामने आएंगे तो खुलेगा पूरा मामला
बताया जा रहा है कि जिन लोगों से कथित तौर पर रकम ली गई है, उनमें से कुछ लोग शिकायत या दस्तावेजों के साथ सामने आने की तैयारी (Some people are preparing to come forward with complaints or documents.) में हैं। यदि शिकायतकर्ताओं के पास भुगतान की रसीद, बैंक ट्रांजेक्शन, चैट, कॉल रिकॉर्ड, लिखित आश्वासन या अन्य दस्तावेज हैं, तो जांच के दौरान इनसे आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर कौन हैं प्रवीण जायसवाल, अदाणी कंपनी में उनकी वास्तविक जिम्मेदारी क्या है और लोगों से कथित तौर पर ली गई रकम का हिसाब कहां है?
नोट: यह समाचार उपलब्ध आरोपों/सूत्रों पर आधारित है। प्रवीण जायसवाल या अदाणी कंपनी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।









