Breaking News: राम मंदिर चढ़ावा गिनती विवाद में बड़ा प्रशासनिक फैसला, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बदली गई टीम, SIT जांच रिपोर्ट का इंतजार
SIT की डिटेल्ड जांच
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (Special Investigation Team constituted by the Uttar Pradesh government) (SIT) ने इस मामले में 100 से ज़्यादा लोगों से पूछताछ की है। टीम ने चंदे के रिकॉर्ड (The team’s donation records) , CCTV फुटेज और कैश मैनेजमेंट की जांच की है। अधिकारियों ने जांच के दायरे (The authorities have expanded the scope of investigation) में आने वाले सभी संबंधित लोगों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे जांच पूरी होने तक अयोध्या न छोड़ें, ताकि प्रक्रिया बिना किसी रुकावट (Uninterrupted process) के चलती रहे।
जांच का दायरा और खास फोकस
जांच सिर्फ चंदे की रकम तक ही सीमित (The investigation is limited only to the donation amount.) नहीं है, बल्कि मंदिर निर्माण के सामान की खरीद और ट्रस्ट के दूसरे प्रोसेस (Procurement of materials for temple construction and other trust processes) पर भी है। SIT का खास ध्यान साल 2025 के प्रयागराज महाकुंभ के दौरान हुए फाइनेंशियल रिकॉर्ड (Financial records from the Prayagraj Mahakumbh) पर है। चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टीनू से भी लंबी पूछताछ की गई है और रिपोर्ट जल्द ही मुख्यमंत्री को सौंपी (Report to be submitted to the Chief Minister soon.) जाएगी।







