BREAKING NEWS: सिरहाने मोबाइल रखकर सोना कितना खतरनाक? कैंसर का डर या नींद का दुश्मन—जानिए सच्चाई
नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क
_______________________
BREAKING NEWS: भारत में स्मार्टफोन (Smartphones in India) सिर्फ़ ज़रूरत नहीं, बल्कि लत बन गए (Rather, they became an addiction.) हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ज़्यादातर भारतीय सोने से ठीक पहले तक मोबाइल स्क्रॉल (Mobile Scroll) करते हैं और फिर उसे सिर के पास रखकर सो जाते हैं (They keep it close and fall asleep.) । हाल ही में, लॉस एंजिल्स के जाने-माने एनेस्थिसियोलॉजिस्ट (Anesthesiologist) डॉ. मायरो फिगुरा के एक वायरल इंस्टाग्राम पोस्ट (A viral Instagram post) ने इस आदत पर नई बहस छेड़ दी है। आइए जानते हैं इस दावे की सच्चाई (The Truth of the Claim) ।
क्या मोबाइल रेडिएशन से सच में कैंसर होता है?
डॉ. फिगुरा के मुताबिक, मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल (Mobile Phone Usage) में न होने पर भी रेडिएशन निकालता (Emits radiation) है। उनका दावा है कि फ़ोन को ज़्यादा देर तक सिर के पास रखने से न सिर्फ़ अच्छी नींद (Just a Good Night’s Sleep) पर असर पड़ता है, बल्कि इससे सिरदर्द और भविष्य में कैंसर का खतरा भी बढ़ (The risk of cancer in the future also increases) सकता है।
नॉन-आयनाइज़िंग रेडिएशन का साइंस
एक्सपर्ट्स (Experts) बताते हैं कि मोबाइल फ़ोन से निकलने वाली वेव्स ‘नॉन-आयनाइज़िंग रेडिएशन’ (Non-ionizing radiation) की कैटेगरी में आती हैं। यह सूरज की अल्ट्रावॉयलेट किरणों या एक्स-रे (Ultraviolet rays or X-rays from the sun) (आयनाइजिंग रेडिएशन) की तरह सीधे हमारे DNA को नुकसान नहीं पहुंचाता (Does not cause harm) है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने मोबाइल रेडिएशन को ‘पॉसिबली कार्सिनोजेनिक’ कैटेगरी (Mobile Radiation Placed in ‘Possibly Carcinogenic’ Category) में रखा है।
कैंसर नहीं, नींद को ज़्यादा खतरा
नींद और मेंटल हेल्थ के डॉक्टरों (Mental health doctors) का मानना है कि कैंसर से कहीं ज़्यादा बड़ा और तुरंत खतरा आपकी नींद (स्लीप साइकिल) को है। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन हॉर्मोन (Blue Light and the Melatonin Hormone) को रोकती है, जिससे सोना मुश्किल हो जाता है। नोटिफिकेशन (Notification) , वाइब्रेशन (Vibration) और अलर्ट की वजह से हमारा दिमाग सोते समय (Our Brain While Sleeping) भी पूरी तरह शांत नहीं हो पाता। चार्ज करते समय फोन को तकिये के नीचे रखने से वह गर्म हो सकता है, जिससे आग लगने या बैटरी फटने का खतरा (Risk of Battery Explosion) हो सकता है।
- बचाव के उपाय: सुरक्षित कैसे रहें?
- सोते समय फ़ोन को अपने बिस्तर से कम से कम 3-5 फ़ीट दूर रखें।
- फ़ोन का इस्तेमाल अलार्म के लिए न करें, बल्कि एक सिंपल अलार्म घड़ी खरीदें।
- अगर फ़ोन को पास रखना ज़रूरी हो, तो रेडियो तरंगों को कम करने के लिए उसे ‘एयरप्लेन मोड’ पर रखें।







