Gold and Silver Prices: क्या सोना-चांदी की कीमतों में आई यह तूफानी तेजी निवेशकों के लिए बड़ा मौका है, या आगे और बढ़ने वाले हैं दाम?
Gold and Silver Prices: सोमवार के ट्रेडिंग सेशन में कीमती मेटल (Precious Metals in the Trading Session) की कीमतों में तेज़ी से उछाल आया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange) (MCX) पर सोने की कीमतें 4,500 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़कर 1,59,315 रुपये हो गईं। चांदी की कीमतें (Silver Prices) भी 1.44 प्रतिशत बढ़कर 2,75,750 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थीं। बाज़ार में इस तेज़ी का मुख्य कारण कमज़ोर US डॉलर (The main reason for this market rally is a weak US dollar.) और ग्लोबल लेवल पर पॉज़िटिव इकोनॉमिक सिग्नल (Positive Economic Signals at the Global Level) माना जा रहा है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कीमती मेटल में इस उछाल (This surge in precious metals) के पीछे US और ईरान के बीच शांति वार्ता की उम्मीदों का बड़ा रोल (The Major Role of Hopes for Peace Talks) है। हाल ही में US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ एक परमानेंट एग्रीमेंट (US President Donald Trump signs a permanent agreement with Iran) की दिशा में प्रोग्रेस का संकेत (An indication of progress in this direction.) दिया है। इस एग्रीमेंट से होर्मुज स्ट्रेट में तनाव कम होने की संभावना (This agreement is likely to reduce tensions in the Strait of Hormuz.) है। कमज़ोर U.S. डॉलर और कमज़ोर ट्रेजरी यील्ड ने सोने और चांदी की कीमतों (Silver prices) को और मज़बूत किया है, जिससे इन्वेस्टर्स इन मेटल्स को सेफ़ इन्वेस्टमेंट के तौर पर चुन (Investors can choose these metals as safe investments.) रहे हैं।
हालांकि मार्केट में तेज़ी (Market Rally) है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि एग्रीमेंट पर पूरी क्लैरिटी आने में अभी (Full clarity on the agreement is yet to come.) और समय लगेगा। प्रेसिडेंट (President) ट्रंप ने साफ़ कर दिया है कि वे इसे फ़ाइनल करने में जल्दबाज़ी नहीं (No Rush to Finalize) करेंगे, जिससे मार्केट में उतार-चढ़ाव (market fluctuations) रह सकता है। कमोडिटी रिसर्च एक्सपर्ट्स (Commodity Research Experts) के मुताबिक, इंटरनेशनल मार्केट में सोने (Gold in the international market) और चांदी के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल तय (Resistance Level Set) हो गए हैं, जो आगे की दिशा तय करेंगे। इन्वेस्टर्स को सलाह (advice to investors) दी जाती है कि वे ग्लोबल डेवलपमेंट्स पर कड़ी नज़र (Closely monitoring global developments) रखें।







