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singrauli news . जनपद पंचायत वैढऩ के ग्राम पंचायत सिंगाही नवनिर्मित तालाब का निर्माण कार्य जेसीबी से कराया जा रहा है। जबकि नवीन तालाब मनरेगा के तहत कराया जा रहा है जिसे मजदूरों के माध्यम से कराया जाना उचित है। मगर मनरेगा मजदूरों को दरकिनार कर सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक के द्वारा तालाब निर्माण को जेसीबी से कराकर दस लाख रुपए की राशि आहरित कर ली गई है। इसकी शिकायत पंचायत के मजदूरों ने कलेक्टर से किया है। मगर सुनवाई नहीं होने से पंचायत की ओर से मनमानी किया जा रहा है। मजदूरों के साथ शिकायत करने पहुंचे जनपद पंचायत सदस्य पारसनाथ प्रजापति ने बताया कि ग्राम पंचायत सिंगाही में लगातार मनरेगा के कार्यों में धड़ल्ले से जेसीबी मशीनों के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है। जबकि पंचायत के नियमों का पालन करते हुए तालाब निर्माण में मनरेगा नियमावली के तहत निर्माण कार्य कराया जाना चाहिए। लगातार पंचायत नियमों का उल्लंघन सरपंच व सचिव कर रहे हैं। जनपद व जिला पंचायत के मुय कार्यपालन अधिकारी इस मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए आगेे नहीं आ रहे हैं। जानकारी होने के बावजूद अधिकारियों का रूचि नहीं लेना संलिप्तता को दर्शाता है।
मनमानी पर नहीं लग पा रहा अंकुश: एक तरफ मनरेगा मजदूरों को सशक्त व मजबूत बनाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। वहीं महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा के तहत काम करने वाले श्रमिकों का शोषण कोई और नहीं बल्कि पंचायत के सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक सहित जनपद पंचायत के अधिकारी कर रहे हैं। मनरेगा के कार्यों में मजदूरों को दरकिनार कर लगातार जेसीबी मशीन से निर्माण कराया जा रहा है।
singrauli news : पंजीकृत 206 मजदूरों को नहीं मिलता रोजगार
मजदूरों ने शिकायत में बताया है कि ग्राम पंचायत सिंगाही में नरेगा जॉब कार्ड पोर्टल पर 206 मजदूर पंजीकृत हैं लेकिन पंजीकृत मजदूर ऐसे हैं। जिनका परिवार मजदूरी करने से चलता है। मगर पंचायत के जिमेदार मजदूरों को पंचायत में रोजगार नहीं दे रहे हैं। सरपंच व सचिव नरेगा जॉब कार्ड पोर्टल पर फर्जी खाता अकाउंट के जरिए राशि आहरण कर रहे हैं।
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