Petrol and Diesel Prices News: क्या पेट्रोल-डीज़ल की आसमान छूती कीमतों के लिए राज्यों का बढ़ा हुआ VAT जिम्मेदार है, या फिर जनता महंगाई और राजनीति के बीच पिस रही है?

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Monday, May 25, 2026 8:18 AM

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Petrol and Diesel Prices News: क्या पेट्रोल-डीज़ल की आसमान छूती कीमतों के लिए राज्यों का बढ़ा हुआ VAT जिम्मेदार है, या फिर जनता महंगाई और राजनीति के बीच पिस रही है?

Petrol and Diesel Prices News: केंद्र सरकार ने पेट्रोल (The Central Government has [addressed] petrol.) और डीज़ल की बढ़ती कीमतों को लेकर एक सफाई जारी (A clarification issued regarding rising diesel prices.) की है और राज्यों पर निशाना साधा है। सरकार का तर्क है कि रिटेल कीमतों (The government argues that retail prices) में अंतर का मुख्य कारण राज्यों द्वारा (The main reason for the difference is the) लगाया जाने वाला वैल्यू एडेड टैक्स (Value Added Tax) (VAT) है, जबकि पूरे देश में एक्साइज़ ड्यूटी (Excise duty across the country) एक जैसी है। रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे कांग्रेस या विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों में ज़्यादा VAT और सेस की वजह से फ्यूल की कीमतें तुलनात्मक रूप से ज़्यादा (Fuel prices are comparatively high.) हैं।

 

 

 

 

 

केंद्र सरकार ने हाल ही में कीमतों में बढ़ोतरी (The Central Government recently hiked prices.) का बचाव करते हुए कहा कि भारत ने ग्लोबल कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव के दौरान कंज्यूमर्स (India has provided consumers with ample support during global crude oil fluctuations.) को लंबे समय तक राहत दी थी। सरकार ने दावा किया कि रूस-यूक्रेन संघर्ष (The government claimed that the Russia–Ukraine conflict) और होर्मुज स्ट्रेट संकट के दौरान तेल कंपनियों (Oil companies during the Strait of Hormuz crisis) और ट्रेजरी को खुद नुकसान उठाना (The Treasury itself incurring a loss) पड़ा। डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि मार्च 2026 में एक्साइज़ ड्यूटी में कटौती के बाद से सरकार को रेवेन्यू (Revenue to the government after reduction in excise duty ) में लगभग 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, ताकि आम जनता पर बोझ न पड़े।

 

 

 

 

सरकार ने फ्यूल की कीमतों में मौजूदा चुनौतियों (The government has addressed the current challenges in fuel prices.) के लिए UPA सरकार के ‘ऑयल बॉन्ड’ को भी ज़िम्मेदार ठहराया (Held responsible) है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछली सरकार की देनदारियों का पेमेंट मौजूदा सरकार (The current government pays the liabilities of the previous government) कर रही है, जबकि मौजूदा सरकार सीधे एक्साइज़ ड्यूटी में कटौती की पॉलिसी (The Government’s Policy of Direct Reduction in Excise Duty) पर चल रही है। इसके अलावा, सरकार ने इंटरनेशनल तुलना (The Government’s International Comparison) करते हुए दावा किया कि दूसरे देशों की तुलना (claimed that compared to other countries)  में, ग्लोबल संकटों के बावजूद भारत ने फ्यूल की कीमतों (India maintains fuel prices despite global crises) में काफ़ी कम बढ़ोतरी की है, जिससे आर्थिक स्थिरता बनी (Economic stability was maintained.) हुई है।

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