SATNA NEWS: क्या सतना जिले में गेहूं खरीद व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है? अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं?
नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क
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SATNA NEWS: किसानों से सपोर्ट प्राइस (Support Price from Farmers) पर अनाज खरीदने (To buy grain) के लिए इस साल देर से शुरू हुई सरकारी गेहूं खरीद व्यवस्था किसानों (Government Wheat Procurement System for Farmers) के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। जिले भर के किसान अपनी उपज (Farmers across the district sell their produce) बेचने के लिए जूझ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कछुए की (Surprisingly, the turtle’s teeth) चाल से हो रही इस खरीद को कोई नहीं देख रहा है। जिले के सबसे बड़े खरीद केंद्र मौहारी स्थित स्टील साइलो प्लांट (Steel Silo Plant located at the major procurement center, Mauhari.) को ही लें तो यहां किसानों की दो किलोमीटर से भी लंबी लाइन (More than two kilometers long line of farmers) लगी हुई है। चार से पांच दिन बाद भी किसान अपनी उपज नहीं बेच (Even after this the farmers did not sell their produce) पाए हैं। दिन हो या रात, वह सड़क पर गाड़ी खड़ी करके अपनी बारी आने का इंतजार (Parking the car on the road and waiting for one’s turn.) कर रहे हैं।
यह भी एक लॉजिक है
बताया जा रहा है कि इस बार मौहारी स्थित स्टील साइलो प्लांट में पांच समितियां (Five Committees at the Steel Silo Plant Located in Bar Mauhari)जुड़ने के बाद स्थिति और खराब हो गई है। किसानों को अपनी उपज बेचने (Selling one’s produce)के लिए तीन से पांच दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। एक ही जगह पर कई गांवों से किसानों के आने से अव्यवस्था(Chaos due to arrival of farmers from many villages) और बढ़ गई है। दिक्कत यह है कि खरीद केंद्रों के बाहर ट्रैक्टर, ट्रॉली और ट्रकों की दो से तीन किलोमीटर लंबी कतारें(Queues of trucks stretching two to three kilometers)लगी हुई हैं।
खरीद शुरू नहीं हुई
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक, जिले में कुल 80 गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 18 केंद्रों पर अभी तक खरीद शुरू नहीं हुई है। खासकर सर्वर डाउन (Especially the server being down.)होने और स्लॉट बुक नहीं होने की वजह से साइलो में बने केंद्रों पर ज्यादा अव्यवस्था देखी जा रही है। खैर, ज्यादातर जगहों के खरीद केंद्रों में यही हाल (The situation is the same at the procurement centers.)है। किसानों का कहना है कि सरकार किसी तरह खरीद (The government somehow manages to procure it.)तो कर रही है, लेकिन पहले जैसी दिलचस्पी नहीं दिखा (Did not show interest.)रही है।
स्थानीय लोगों का दबदबा
नागौद ब्लॉक के मौहारी में अडानी साइलो में बने खरीद केंद्र (Procurement Centers Established at Adani Silos)की हालत ऐसी है कि केंद्र तक जाने वाले तीनों रास्तों पर गाड़ियों (vehicles on all three roads) की दो किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहती हैं। यह भी कहा जाता है कि साइलो में स्थानीय लोगों का दबदबा (Locals Dominate the Silo) है। खैर, यह तो सिस्टम की बात है, लेकिन इंसानियत की बात यह है कि अन्नदाता को फसल उगाने से लेकर अपनी फसल बेचने तक सिर्फ परेशानी (Nothing but trouble until the crop is sold.) ही होती है।







