Singrauli Breaking News: नगर निगम सिंगरौली में 53 ऑपरेटरों का भुगतान, लेकिन सक्रिय दिख रहे करीब 30? आखिर बाकी कर्मचारी कहां हैं, जवाब दे प्रशासन
नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क
Singrauli Breaking News: नगर निगम सिंगरौली में कर्मचारियों की संख्या (Number of employees in Singrauli Municipal Corporation) और उनके भुगतान को लेकर गंभीर सवाल उठने (Serious questions being raised regarding the payment) लगे हैं। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि रिकॉर्ड (Locally, it is claimed that the record) में 53 आउटसोर्स/कंप्यूटर ऑपरेटरों के नाम पर भुगतान ) (Payments made in the name of computer operatorsकिया जा रहा है, जबकि नगर निगम परिसर और विभिन्न शाखाओं में नियमित रूप (Regularly in various branches) से करीब 30 कर्मचारी ही सक्रिय दिखाई देते हैं। यदि यह स्थिति सही है, तो शेष कर्मचारियों की तैनाती (Deployment of remaining staff) , उपस्थिति और कार्यस्थल क्या है? यही सवाल अब जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ (It has become a topic of discussion among the public.) है।
सबसे बड़ा प्रश्न नगर निगम की पारदर्शिता (Transparency of the Municipal Corporation) पर है। जब निगम स्वयं ऑनलाइन फेस अथवा बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू होने का दावा करता है, तब रिकॉर्ड में दर्ज सभी कर्मचारियों की उपस्थिति (Attendance of all employees recorded in the records) और कार्य का विवरण सार्वजनिक करने में परेशानी क्यों होनी (Why should there be any issue with making the details of the work public?) चाहिए?
स्थानीय लोगों (Local people) का कहना है कि यदि सभी 53 कर्मचारी वास्तव में कार्य कर रहे हैं, तो नगर निगम को उनकी नामवार सूची, तैनाती स्थल, कार्य का विवरण और उपस्थिति रिकॉर्ड सार्वजनिक करना (Making attendance records public) चाहिए। इससे उठ रहे सभी संदेह स्वतः समाप्त हो जाएंगे।
वहीं, कुछ लोगों द्वारा यह भी आरोप लगाए (Allegations were also made by the people.) जा रहे हैं कि आउटसोर्स व्यवस्था का दुरुपयोग (Misuse of the outsourcing system) हो सकता है और कुछ नाम ऐसे हो सकते हैं जो नियमित रूप से कार्यस्थल पर दिखाई नहीं (Not seen at the workplace regularly.) देते। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई (The allegations have not been independently verified.) है। इसलिए इनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
यह मामला केवल कर्मचारियों की संख्या (It is merely a matter of the number of employees.) का नहीं, बल्कि जनता के पैसे की पारदर्शिता का है। यदि किसी कर्मचारी के नाम पर भुगतान हो रहा है, तो उसका कार्य, उपस्थिति और जिम्मेदारी स्पष्ट होनी चाहिए (His/her role, presence, and responsibilities should be clearly defined.) । यदि सब कुछ नियमों के अनुसार है, तो नगर निगम को पूरे रिकॉर्ड को सार्वजनिक कर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी (The Municipal Corporation needs to clarify its position by making the entire record public.) चाहिए। यदि कहीं कोई अनियमितता है, तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
जनता की मांग है कि जिला प्रशासन, नगरीय प्रशासन विभाग (District Administration, Urban Administration Department) अथवा किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से पूरे मामले की जांच कराई जाए। जांच में सभी 53 कर्मचारियों का भौतिक सत्यापन (Physical verification of 53 employees) , उपस्थिति रिकॉर्ड, भुगतान विवरण और कार्यस्थल का मिलान (Workplace matching) किया जाए। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि रिकॉर्ड और वास्तविकता में कोई अंतर (Any difference in reality) है या नहीं।
अब सवाल केवल एक है—रिकॉर्ड में दर्ज 53 कर्मचारी वास्तव (There is only one question – are the 53 employees on record actually) में कहां कार्य कर रहे हैं? यदि सभी कार्यरत हैं, तो उनकी जानकारी सार्वजनिक (If employed, their information should be made public.) की जाए। यदि नहीं, तो जनता के धन के उपयोग पर उठ रहे सवालों का जवाब (Response to questions raised regarding the use of public funds) कौन देगा?







