Singrauli Breaking News: सिंगरौली NCL एक्सप्रेसवे पर हादसे के बाद जनआक्रोश, मुआवजे और सड़क सुरक्षा की मांग को लेकर 3 घंटे तक थमी रफ्तार
नई ताकत न्यूज़ सिंगरौली
_______________________
Singrauli Breaking News: सिंगरौली NCL एक्सप्रेसवे (Singrauli NCL Express) पर शनिवार देर शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे (Tragic road accidents late in the evening) में बब्बे लाल की मौत के बाद रविवार को परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट (Anger of local people erupted) पड़ा। गुस्साए लोगों ने शव को काटामोड़ पर रखकर चक्का जाम (Angry people placed the body at Katamod and blocked the road.) कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन से एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें (Long queues of vehicles on both sides of the expressway due to the protest.) लग गईं और ट्रैफिक प्रभावित हुआ (Traffic was affected.) ।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों (The protesters allege that the frequent road accidents on the expressway…) के बावजूद संबंधित विभाग (Despite the concerned department…) और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था (administration security system) को मजबूत करने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठा रहा है। परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू (Family members and villagers started protesting by sitting on the road.)कर दिया और जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। मृतक के परिजनों ने परिवार के लिए उचित आर्थिक मदद और सरकारी मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि परिवार के कमाने वाले सदस्य की मौत से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट आ गया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सिर्फ जुबानी आश्वासन (Protesters said only verbal assurances) ही नहीं, बल्कि संबंधित प्रशासनिक और प्रोजेक्ट अधिकारियों को मौके पर आकर लिखित (Project officials should come to the spot and submit a written) में कार्रवाई और मदद का आश्वासन (Assurance of help) देना होगा।
जाम की सूचना मिलने पर मोरवा पुलिस मौके (Morwa police at the scene) पर पहुंची। थाना प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने लगातार बातचीत कर परिजनों (Family members conversing) और गांववालों को शांत करने की कोशिश (Attempting to calm the villagers) की। काफी देर तक चली बातचीत के दौरान गाड़ी मालिक ने मृतक के परिजनों (During this, the car owner informed the family members of the deceased) को 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद और संवेदना के लिए 30,000 रुपये की तत्काल मदद दी। साथ ही, सीनियर अधिकारियों से बातचीत के बाद मृतक के आश्रित परिवारों (After discussions with senior officials, the dependent families of the deceased) को रेड क्रॉस सोसाइटी से आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा (Assurance of securing financial aid from the Red Cross Society.) दिया गया।
प्रशासन से आर्थिक मदद (Financial assistance from the administration) और भरोसा मिलने के बाद परिजन (After gaining confidence, the family) और गांववाले शांत हुए। करीब तीन घंटे से चल रहा जाम तब जाकर हटा और NCL एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक सामान्य (Traffic normal on NCL Expressway.) हुआ। प्रदर्शन के दौरान कोयला ट्रांसपोर्टर समेत दूसरे वाहनों (During this, coal transporters and other vehicles) की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को परेशानी हुई। स्थानीय लोगों ने एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा (Locals protest against road safety measures on the expressway) के पक्के और असरदार इंतजाम करने की भी मांग की।







