Singrauli News: सिंगरौली में 10-12 फीट गहरे टैंक के ऊपर बिना पर्याप्त सुरक्षा के काम? वायरल वीडियो ने एनसीएल की सेफ्टी व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल?
नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली
Singrauli News: सिंगरौली एनसीएल के आईडब्ल्यूएसएस परिसर (Singrauli NCL’s IWSS Complex) में कथित तौर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का वीडियो सोशल मीडिया (A video of alleged disregard for safety standards has gone viral on social media.) पर वायरल होने के बाद प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने (Questions raised about the management’s functioning after it went viral.) लगे हैं।
वायरल वीडियो में कुछ कर्मचारी ऊंचाई पर सिविल कार्य करते दिखाई (Some workers are seen performing civil work at a height in the viral video.) दे रहे हैं। उनके पास सुरक्षा हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट अथवा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण स्पष्ट रूप से नजर नहीं आने का दावा (Allegation that safety helmets, safety belts, or other necessary safety equipment were not clearly visible.) किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर कर्मचारी काम कर रहे थे, उसके नीचे करीब 10 से 12 फीट गहरे पानी के टैंक हैं। ऐसे जोखिम वाले स्थान पर बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के काम कराया गया या नहीं, यह जांच का विषय (Whether work was carried out at a hazardous location without adequate safety measures is a matter for investigation.) है। यदि वीडियो में दिखाई दे रहा दृश्य वास्तविक है तो ऊंचाई पर कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षा मानकों के पालन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक (It is natural for questions to arise regarding adherence to safety standards and monitoring mechanisms.) है। इधर वायरल वीडियो के बाद यह भी चर्चा है कि संबंधित स्थल पर कार्य की निगरानी कौन कर रहा था और सुरक्षा मानकों की जांच किस स्तर पर की जा रही थी। सूत्रों के अनुसार सिविल कार्य इंजीनियरों की निगरानी में होने की बात कही (According to sources, it was stated that the civil works would be carried out under the supervision of engineers.) जा रही है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में साइट निरीक्षण, सीसीटीव्ही फुटेज और सुरक्षा व्यवस्था की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो (In such a situation, the actual state of affairs would become clear through site inspections, CCTV footage, and an examination of security arrangements.) सकती है। इधर मामले को लेकर एनसीएल सीएमडी और संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर स्थल का निरीक्षण कराने तथा वीडियो की सत्यता की जांच कराने की मांग उठ रही है।







