Singrauli News: सिंगरौली में आज गूंजेगा राखी के प्यार का रंग, भाई की कलाई पर सजेगा बहनों का विश्वास; शुभ मुहूर्तों के साथ बनेंगे 11 खास योग
नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली
Singrauli News: सिंगरौली भाई-बहन के पवित्र प्रेम का महापर्व रक्षाबंधन (Singrauli: Raksha Bandhan – The grand festival celebrating the sacred bond of love between siblings.) दिन शुक्रवार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। भाई-बहन के इस पवित्र प्रेम (This sacred bond of love between brother and sister) को लेकर बहनों में भारी उत्साह है। दूर-दराज से बहने भाई के घरों के लिए रवाना हो रही हैं। ज्योतिषविद् पं. डॉ. एनपी मिश्र के अनुसार राखी बांधने का शुभ मुहूर्त (Auspicious time for tying Rakhi) 28 अगस्त की राखी बांधने का पहला मुहूर्त सुबह 6 बजकर 23 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:04 बजे से 12:53 बजे तक, शुभ चौघड़िया दोपहर 12:28 बजे से 2:03 बजे तक, अपराह्न काल दोपहर 1:44 बजे से शाम 4:16 बजे तक, चर चौघड़िया शाम 5:13 बजे से 6:48 बजे तक रहेगा। वहीं आगे बताया कि भाई-बहन के प्रेम का पर्व है, लेकिन इस पर्व की अन्य बहुत सी मान्यताएं (Many other beliefs associated with this festival) भी हैं। इस तिथि पर अपने कुल पुरोहित या श्रेष्ठ विद्वतजन से अपनी कलाई पर रक्षासूत्र अवश्य बंधवाकर आशीर्वाद प्राप्त (Be sure to have the *Raksha-sutra* (protective thread) tied on your wrist and receive blessings.) करते हैं । रक्षाबंधन से जुड़ी अनेक पौराणिक कथाएं प्रचलित (There are many mythological stories associated with Raksha Bandhan.) हैं।
रक्षाबंधन पर बन रहे कई शुभ योग
रक्षाबंधन ज्योतिषीय दृष्टि से भी खास (Rakshabandhan is also special from the astrological point of view.) है। रक्षाबंधन के दिन करीब 11 शुभ योगों का संयोग बन रहा है। शतभिषा नक्षत्र के साथ अतिगंड, शोभन, शिव और विजय जैसे योग बन रहे हैं, इसके अलावा चंद्रादि, बुधादित्य, विमल, विपरीत राजयोग, धन, उभयचरी, शकट और सुनफा योग भी बना रहे हैं । ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ऐसे शुभ योगों में पूजा-पाठ, दान और भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने (According to astrological beliefs, during such auspicious alignments, performing worship, making donations, and tying the protective thread on a brother’s wrist…) जैसे धार्मिक कार्यों को विशेष फलदायी माना (Religious activities were considered especially rewarding.) जाता है। रक्षाबंधन के दिन ग्रहों की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। सूर्य सिंह राशि में रहेंगे, जबकि गुरु कर्क राशि में स्थित होंगे, ज्योतिष में सूर्य को आत्मबल, प्रतिष्ठा और ऊर्जा का कारक माना (In astrology, the Sun is considered the significator of inner strength, prestige, and energy.) जाता है, वहीं गुरु को ज्ञान, शिक्षा, बुद्धि और समृद्धि से जोड़ा जाता है, चंद्रमा कुंभ राशि में रहेंगे। ऐसे में ग्रहों और नक्षत्रों का यह संयोग रक्षाबंधन को धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टि (This combination of constellations gives Rakshabandhan both religious and astrological perspective.) से खास बना रहा है।







