Singrauli News: सिंगरौली में डीएमएफ फंड की खरीद पर शिकायत के बाद भी जांच ठप, एक माह की खामोशी ने बढ़ाए पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़े सवाल?
नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क
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Singrauli News: सिंगरौली जिला खनिज प्रतिष्ठान डीएमएफ की राशि (Singrauli District Mineral Foundation (DMF) funds) से शास. महाविद्यालय बरका के लिए की गई सामग्री खरीदी में कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत के बावजूद एक माह(one month despite complaints of alleged financial irregularities) से अधिक समय बीत जाने पर भी जांच प्रक्रिया शुरू नहीं (Investigation process has not yet begun despite the passage of considerable time.) होने से पूरे मामले पर सवाल खड़े (Questions raised about the entire matter.) हो गए हैं।
शास. महाविद्यालय बरका के प्राचार्य ने 25 मई को अतिरिक्त संचालक (Additional Director,) , उच्च शिक्षा, रीवा संभाग को विस्तृत शिकायत भेजकर जांच समिति गठित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग (Demand for an impartial investigation into the entire matter.) की थी। लेकिन अब तक न तो जांच समिति गठित किए जाने की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक (Official information regarding the constitution of an inquiry committee made public.) हुई है और न ही जांच की प्रगति सामने आई है। शिकायत में तत्कालीन लीड कॉलेज बैढ़न के पूर्व प्राचार्य (In the complaint, the former principal of the then Lead College, Baidhan…) डॉ. एमयू सिद्दीकी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पत्र के अनुसार डीएमएफ मद से महाविद्यालय बरका के लिए 97.40 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी हुई थी तथा प्रथम किश्त के रूप में 40 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि बरका महावि (The complainant claims that Barka Mahavidyalaya) . को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया था, लेकिन बाद में बिना स्पष्ट आदेश (Later, without clear orders) और बिना संस्था को विधिवत जानकारी दिए पूरी खरीद प्रक्रिया (The entire procurement process conducted without formally informing the organization.) दूसरे महाविद्यालय के माध्यम से संचालित (Operated through the college) कर दी गई।
जांच प्रक्रिया पर खड़ा हो रहा सवाल
इन आरोपों के बाद सबसे बड़ा सवाल जांच प्रक्रिया को लेकर खड़ा (Questions raised regarding the investigation process.) हो गया है। यदि शिकायत निराधार है तो जांच कर उसे स्पष्ट किया जाना चाहिए और यदि प्रथम दृष्टया तथ्य सामने आते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई (Action against responsible officials) होनी चाहिए। लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी जांच समिति की स्थिति स्पष्ट नहीं होना उच्च शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न (Question mark on the functioning of the concerned officials) लगा रहा है। यदि जांच समिति गठित हो चुकी है तो उसकी जानकारी सार्वजनिक (If an inquiry committee has been formed, its information should be made public.) क्यों नहीं की जा रही और यदि गठित नहीं हुई है तो इतनी गंभीर शिकायत पर विलंब का कारण क्या (What is the reason for the delay regarding such a serious complaint?) है। फिलहाल पूरा मामला शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित (The entire matter is based on the allegations made in the complaint letter.) है। इन आरोपों की सत्यता सक्षम प्राधिकारी द्वारा निष्पक्ष जांच (Impartial inquiry by the competent authority into the veracity of the allegations.) के बाद ही स्थापित होगी। हालांकि शिकायत में उठाए गए बिंदुओं ने डीएमएफ मद (The points raised in the complaint have affected the DMF item.) से हुए व्यय की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल अवश्य खड़े (Serious questions have certainly been raised regarding the surveillance system.) कर दिए हैं।
अभिलेखो के अभाव में नही हुआ सत्यापन
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि महाविद्यालय को सामग्री प्राप्त (The complaint alleges that the college received the material.) करने के लिए दबाव बनाया गया, जबकि न तो क्रय आदेश उपलब्ध (Purchase order available) कराया गया और न ही सामग्री की रेट सूची, स्टॉक विवरण अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज दिए गए। शिकायत के अनुसार खेल सामग्री अब तक प्राप्त नहीं हुई (According to the complaint, the sports equipment has not been received yet.) है, कई पुस्तके आवश्यकता (Need for several books) और कक्षाओं के अनुरूप नहीं हैं तथा सामग्री का सत्यापन अभिलेखों के अभाव में संभव नहीं हो पा रहा है। प्राचार्य ने यह भी आरोप लगाया (The principal also alleged…) है कि स्टॉक रजिस्टर, बिल-वाउचर, निविदा दस्तावेज, तुलनात्मक चार्ट, गुणवत्ता समिति के आदेश (Orders of the Quality Committee) , क्रय आदेश सहित खरीद प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेख आज तक उपलब्ध नहीं कराए गए। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि 40 लाख रुपये दूसरे खाते में स्थानांतरित (40 lakh rupees transferred to another account.) किए गए तथा जेम पोर्टल के दस्तावेजों में रिपोर्टिंग अधिकारी (Reporting Officer in GeM portal documents) के नाम को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।







