Singrauli News: सिंगरौली में मौसमी बीमारियों का बढ़ा प्रकोप, 260 मरीज पहुंचे अस्पताल; उल्टी-दस्त और बुखार से 100 मरीज भर्ती
नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली
Singrauli News: सिंगरौली जिले में मौसमी जलजनित बीमारी ने जोर पकड़ (Seasonal waterborne diseases have intensified in Singrauli district.) लिया है। आलम यह है कि आज शनिवार को करीब 260 मरीजो ने जिला चिकित्सालय में अपना जांच कराया (260 patients underwent testing at the district hospital.) है। कहां करीब 1 सैकड़ा मरीज उल्टीदस्त व बुखार से पीड़ित भर्ती (Around 100 patients suffering from vomiting, diarrhea, and fever have been admitted.) हैं।
गौरतलब है कि जिले में जलजनित मौसमी बीमारी बुखार, खॉसी, जुखाम एवं उल्टीदस्त ने जोर पकड़ा (Seasonal waterborne illnesses—manifesting as fever, cough, cold, and vomiting/diarrhea—have intensified.) हुआ है। आलम यह है कि दिनों दिन लगातार इन बीमार पीड़ित मरीजो (Day after day these sick and suffering patients) की संख्या बढ़ रही है। जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न के पिछले दो दिनों के ओपीडी (OPD data for the District Hospital-cum-Trauma Center, Baidhan, for the past two days.) के आंकड़ों पर नजर दौराएं तो शुक्रवार 4 सितम्बर को अवकाश होने के बावजूद 279 पीड़ित मरीजो ने जांच कराया। जिसमें 210 मरीज विशेष हताहत पाए गये। वहीं 19 मरीज उल्टीदस्त व बुखार तथा 28 सामान्य मरीजो का इलाज हुआ। आज शनिवार को ओपीडी में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार 849 ने पर्ची कटाई (According to the report recorded at the OPD on Saturday, 849 people registered for consultation.) है, जिसमें सबसे ज्यादा 260 मरीज बुखार, खॉसी, जुखाम एवं उल्टीदस्त के रहे। वहीं विशेष रूप से विशेष गंभीर हताहत मरीजो की संख्या 79 थी। जबकि बाल चिकित्सा मरीजो की संख्या 113, प्रसूति एवं स्त्री रोग से संबंधित मरीजो की संख्या 118 रही है। इसके अलावा अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजो ने इलाज (Patients suffering from other ailments underwent treatment.) कराया। चिकित्सक बताते हैं कि इन दिनों मौसमी बीमारी से पीड़ित मरीजो की संख्या बढ़ रही (The number of patients suffering from seasonal illnesses is increasing these days.) है।
कम पड़ गये बेड, फर्स पर इलाज
जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में इन दिनों मरीजो की संख्या में लगातार बढ़ (The number of patients is continuously increasing day by day) रही है। जिससे बेड भी कम पड़ गये हैं। कई मरीजो का इलाज फर्स पर किया जा (Many patients are treated on the floor.) रहा है। यहां के स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि मरीज बढ़ गये हैं, जिसके कारण बेड कम पड़ गये हैं। सबसे ज्यादा उल्टीदस्त, बुखार से पीड़ित मरीजो की संख्या ज्यादा (High number of patients suffering from severe vomiting, diarrhea, and fever.) है। वहीं विशेष रूप से हताहत मरीजो की संख्या कम नही है। मौसम के हो रहे परिवर्तन के कारण मरीजो की संख्या बढ़ (The number of patients increased due to the change.) रही है और अभी भी बढ़ने की संभावना है।
बुखार से ज्यादा मरीज परेशान, झोलाछापो का बोलबाला
आलम यह है कि इन दिनों यदि किसी को बुखार आई तो, मरीज को स्वस्थ्य होने में लम्बा वक्त लग (If someone has fever for several days, it takes a long time for the patient to recover.) रहा है। जिले में करीब डेढ़ महीने से यह समस्या बनी हुई है। चिकित्सक बताते हैं कि बुखार मियादी (Doctors state that it is typhoid fever.) बन जा रही है और इसके बाद टाईपाईड का रूप ले ले रही है। जहां मरीजो को ठीक होने में लम्बा समय लग रहा है। इधर ग्रामीण अंचल के अधिकांश मरीज झोलाछाप चिकित्सको या क्लीनिको के चिकित्सको का सहारा लेने को मजबूर हंै (Most patients are compelled to rely on quacks or doctors at clinics.) और ग्रामीण अंचल में झोलाछाप चिकित्सक घुमते-फिरते नजर (Quacks spotted roaming in rural areas.) आते हैं। बताया जाता है कि इन झोलाछाप चिकित्सक बिना डिग्री-डिप्लोमा के मरीजो का इलाज करते नजर (Quacks seen treating patients without degrees or diplomas.) आते हैं, ऐसी शिकायते भी आती रहती हैं, लेकिन सीएमएचओ एवं खंड चिकित्साधिकारियों के द्वारा कड़ी कार्रवाई भी नही किया जाता। लिहाजा इन दिनों झोलाछाप चिकित्सको का बोलबाला (Consequently, quacks hold sway these days.) है।a







