Singrauli News:   सिंगरौली में मोरवा विस्थापन पर आर-पार की तैयारी; मुआवजा, पुनर्वास की जमीन और 12% सालाना बढ़ोतरी की मांग पर एनसीएल प्रबंधन से दोटूक चर्चा, अब फैसले का इंतजार

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Singrauli News:   सिंगरौली में मोरवा विस्थापन पर आर-पार की तैयारी; मुआवजा, पुनर्वास की जमीन और 12% सालाना बढ़ोतरी की मांग पर एनसीएल प्रबंधन से दोटूक चर्चा, अब फैसले का इंतजार

नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली

Singrauli News:  सिंगरौली मोरवा विस्थापन से जुड़ी विसंगतियों और प्रभावित परिवारों की लंबित मांगों  (Discrepancies related to the Morwa displacement and the pending demands of affected families) को लेकर एनसीएल मुख्यालय में विस्थापित संयुक्त मोर्चा, एनसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक हुई।बैठक में 54 सूत्रीय मांगपत्र के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। पुनर्वास के लिए जमीन, सरकारी भूमि पर बसे परिवारों को लाभ, मुआवजे की गणना, बालिग सदस्यों की पात्रता, नाबालिग बच्चों की शिक्षा, ब्लास्टिंग से सुरक्षा (Land for rehabilitation, benefits for families settled on government land, calculation of compensation, eligibility of adult members, education of minor children, safety against blasting.) और व्यावसायिक संपत्तियों के पुनर्वास जैसे मुद्दे प्रमुख (Issues such as the rehabilitation of commercial properties are prominent.) रहे। बैठक की पृष्ठभूमि 30 सितंबर को एनसीएल मुख्यालय के सामने हुआ विस्थापितों का आंदोलन रहा।

 

 

 

संयुक्त मोर्चा के सदस्यों का कहना था कि लंबे समय से समस्याओं का समाधान नहीं होने और प्रभावितों के साथ उचित व्यवहार नहीं किए (Failure to resolve issues over a long period and the lack of proper treatment towards those affected…) जाने से लोगों में आक्रोश बढ़ाए जो आंदोलन के रूप में सामने आया। इसके बाद प्रबंधन ने मांगों पर चर्चा के लिए 15 दिन का समय मांगा था। इसी क्रम में बैठक आयोजित की गई। इधर बैठक में मोरवा के आसपास पुनर्वास स्थल विकसित करने का मुद्दा (The issue of developing a rehabilitation site around Morwa has been raised.) उठा। गोरबी क्षेत्र में करीब 1,750 प्लॉट विकसित करने की जानकारी पर संयुक्त मोर्चा ने दूरी अधिक होने के कारण असहमति जताई। इसके बाद कुसवई और खिरवा के बीच लगभग 69 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। संयुक्त मोर्चा के अनुसार, संबंधित अधिकारियों ने 30 से 45 दिन में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया। बैठक में एनसीएल के निदेशक कार्मिक मनीष कुमार सहित संबंधित अधिकारी,जिला प्रशासन के प्रतिनिधि और संयुक्त मोर्चा के सदस्य मौजूद (Officials concerned—including NCL Director (Personnel) Manish Kumar—representatives of the district administration, and members of the Joint Front were present at the meeting.) रहे।

 

 

 

मुआवजे की दर, गणना पत्रक और 12 प्रतिशत वृद्धि की मांग
संयुक्त मोर्चा ने भूमि के मुआवजे की दर पर सवाल उठाते हुए कहा कि दर निर्धारित करते समय संबंधित कानूनी प्रावधानों और कलेक्टर गाइडलाइन का उचित पालन होना (Raising questions on the rate of compensation, he said that while determining the rate, the relevant legal provisions and collector guidelines should be properly followed.)  चाहिए। मुआवजे की गणना में पारदर्शिता के लिए प्रत्येक प्रभावित को जमीन, मकान और अन्य पात्र संपत्तियों का अलग-अलग विवरण देने की मांग (Demand for separate details of eligible assets) की गई। बैठक में विस्थापितों को नोटिस के साथ गणना पत्रक देने पर सहमति बनी है। वहीं विस्थापन के अलग-अलग चरणों में प्रभावित होने वाले परिवारों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए संयुक्त मोर्चा ने मुआवजे में प्रतिवर्ष (To protect families affected at various stages of displacement from financial loss, the Joint Front [proposed/demanded] an annual compensation of…) 12 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव भी रखा। इस पर चर्चा हुई लेकिन अंतिम स्वीकृति की पुष्टि नहीं हुई है।

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