Singrauli News: सिंगरौली में नए मोरवा शहर को बसाने की हलचल तेज, खिरवा-कुशवई की 95 हेक्टेयर जमीन पर नजरें; विस्थापितों के पुनर्वास पर अब कलेक्टर से उम्मीदें?

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Singrauli News: सिंगरौली में नए मोरवा शहर को बसाने की हलचल तेज, खिरवा-कुशवई की 95 हेक्टेयर जमीन पर नजरें; विस्थापितों के पुनर्वास पर अब कलेक्टर से उम्मीदें?

नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली

Singrauli News:  सिंगरौली एनसीएल परियोजना के कारण विस्थापन की जद में आ रहे मोरवा शहर को नए सिरे से बसाने की कवायद तेज हो गई (Efforts to relocate the town of Morwa—which faces displacement due to an NCL project—have gained momentum.) है। हालांकि स्थानीय लोगों की मंशा के अनुरूप निगम क्षेत्र के ग्राम खिरवा और कुशवई में नए मोरवा शहर को बसाने की योजना पर अभी भी संशय बना हुआ (Uncertainty still surrounds the plan to establish the new city of Morwa in the villages of Khirwa and Kushwai, which fall within the municipal area.) है।एनसीएल प्रबंधन ने जिला प्रशासन से ग्राम खिरवा में करीब 50 हेक्टेयर शासकीय भूमि उपलब्ध कराने की मांग रखी है। वहीं खिरवा से सटे ग्राम कुशवई में वन विभाग को पौधारोपण के लिए दी गई 45 हेक्टेयर जमीन को भी नए शहर के विकास में शामिल करने की मांग उठने लगी (Demands began to emerge for inclusion in the development of the new city.) है।

 

 

 

ग्राम कुशवई में वर्ष 2015 में करीब 45 हेक्टेयर जमीन वन विभाग को पौधारोपण (45 hectares of land to the Forest Department for plantation) के लिए दी गई थी। इस भूमि पर लगभग 66 हजार पेड़ लगाए जाने का लक्ष्य बताया (A target of planting approximately 66,000 trees on the land was stated.)  गया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि पौधारोपण का लक्ष्य धरातल पर नजर नहीं आया (Locally, it is being claimed that the tree-planting target has not been reflected on the ground.) और जमीन लंबे समय से बंजर पड़ी है। अब इसी भूमि का उपयोग विस्थापित परिवारों के पुनर्वास (Land use Rehabilitation of displaced families)  के लिए किए जाने की मांग उठ रही है। इस संबंध में पूर्व विधायक रामलल्लू वैश्य ने एनसीएल के सीएमडी से मुलाकात कर पत्र सौंपा है। उन्होंने कुशवई की उक्त भूमि का उपयोग नए मोरवा शहर को बसाने के लिए किए जाने की दिशा में पहल की है। यदि इस जमीन को पुनर्वास योजना में शामिल करने की अनुमति मिलती (Permission is granted to include the land in the rehabilitation plan.) है, तो विस्थापित परिवारों के लिए व्यवस्थित आवासीय क्षेत्र विकसित करने की संभावनाएं बढ़ सकती (The prospects for developing organized residential areas for displaced families could increase.) हैं। इधर नवागत कलेक्टर पर सब की उम्मीदे टिकीं हुई (Meanwhile, everyone’s hopes are pinned on the newly arrived Collector.) हैं।

 

 

 

खिरवा और कुशवई की जमीन से आकार ले सकता है नया मोरवा
प्रस्तावित योजना के तहत ग्राम खिरवा की करीब 50 हेक्टेयर शासकीय भूमि और ग्राम कुशवई की 45 हेक्टेयर भूमि को मिलाकर लगभग 95 हेक्टेयर क्षेत्र में नया मोरवा शहर विकसित करने की संभावना (Possibility of developing a new Morwa city in the area)  है। वहीं पर नगर निगम ने 20 एकड़ भूमि एलआईजी व एमआईजी बनाने के लिए आवंटित (Land allocated for the construction of LIG and MIG housing) रखी है। हालांकि वन विभाग की कुशवई की जमीन को इस योजना में शामिल (Kushwai land of Forest Department is included in this scheme.) करने के लिए संबंधित विभागों की सहमति और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होना (Obtaining the consent of the concerned departments and completing the necessary administrative procedures) जरूरी है। यदि दोनों स्थानों की जमीन उपलब्ध हो जाती है, तो नए शहर को केवल आवासीय कॉलोनी तक सीमित रखने के बजाय एक व्यवस्थित शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित (Developing the new city as an organized urban area, rather than limiting it to merely a residential colony.) किया जा सकता है। यहां बाजार, स्कूल, धार्मिक स्थल, पशुपालन के लिए स्थान, लघु उद्योग और आवासीय परिसर विकसित करने की संभावनाएं (Possibilities for developing small-scale industries and residential complexes) हैं। इससे विस्थापित परिवारों को घर के साथ-साथ रोजगार और दैनिक जरूरतों से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की दिशा में (Towards providing displaced families with not only housing but also employment and facilities for their daily needs)  काम किया जा सकेगा।

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