Singrauli News: सिंगरौली में टीएचडीसी के खिलाफ विस्थापितों का उग्र प्रदर्शन, 270 परिवारों को हक नहीं मिलने का आरोप; मुख्य गेट बंद कर कंपनी प्रबंधन को घेरा

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Singrauli News: सिंगरौली में टीएचडीसी के खिलाफ विस्थापितों का उग्र प्रदर्शन, 270 परिवारों को हक नहीं मिलने का आरोप; मुख्य गेट बंद कर कंपनी प्रबंधन को घेरा

नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली

Singrauli News:  सिंगरौली जिले के अमिलिया कोल माइंस टीएचडीसी के खिलाफ विभिन्न मांगो को लेकर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल(Villagers of Singrauli district’s Amelia Coal Mines opened a front against THDC for various demands.)  दिया है। मंगलवार को टीएचडीसी कंपनी कोल माइंस से प्रभावित विस्थापितो ने कंपनी के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने सैकड़ों ग्रामीण धरने पर बैठ (Hundreds of displaced villagers affected by THDC company coal mines sat on dharna in front of the main entrance of the company.) गये और इस दौरान पूरे दिन कामकाज प्रभावित रहा और दर्जनों कर्मचारियों का आना-जाना बंद (Throughout the day, operations remained affected, and the movement of dozens of employees was brought to a halt.)  रहा। विस्थापितो ने टीएचडीसी कंपनी प्रबंधन पर मनमानी करने का गंभीर आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार जिले की टीडीसी अमिलिया कोल माइंस में विस्थापितों ने कंपनी का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर प्रदर्शन शुरू (Displaced persons at the TDC Amilia coal mines have blocked the company’s main entrance and begun a protest.)  कर दिया।

 

 

प्रदर्शन के कारण कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी न तो अंदर जा पा (Due to the protest, the employees working in the company were not able to go inside.)  रहे हैं और न ही बाहर निकल पा रहे हैं। विस्थापितों का आरोप है कि वर्ष 2017 से कंपनी कोयला उत्खनन का काम कर रही है, लेकिन जमीन और मकान लिए जाने के बावजूद उन्हें विस्थापन का पूरा लाभ नहीं मिला (Despite their land and houses being taken, they did not receive the full benefits of displacement.)  है। तेंदुआ गांव के सरपंच छोटेलाल मरावी ने बताया कि करीब 270 लोगों को अब तक विस्थापन का पूरा लाभ नहीं मिला है।

 

 

 

बुजुर्ग महिला का विस्थापित सूची में नाम नहीं
95 वर्षीया बुजुर्ग महिला राजमंति देवी ने बताया कि उनकी 85 एकड़ जमीन और मकान चले गए, लेकिन कंपनी प्रबंधन (95-year-old Rajmanti Devi stated that she lost her 85 acres of land and her house, but the company management…) की ओर से जारी विस्थापितों की सूची में उनका नाम शामिल नहीं है। उनका आरोप है कि सूची में नाम नहीं होने के कारण उन्हें विस्थापन का लाभ नहीं मिला और न ही जमीन उपलब्ध कराई (They allege that because their names were not on the list, they did not receive displacement benefits, nor was any land provided to them._)  गई। विस्थापितों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए मुख्य द्वार पर प्रदर्शन शुरू किया है। अब देखना होगा कि कंपनी प्रबंधन उनकी मांगों पर क्या कदम उठाता है। कंपनी प्रबंधन का पक्ष इस खबर में शामिल नहीं है।

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