BREAKING NEWS: क्या बची हुई चाय दोबारा गर्म करके पीना सही है? जानिए सेहत पर इसके छिपे नुकसान
नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क
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BREAKING NEWS: हमारे देश (Our country) में एक बड़ी आबादी चाय पीना पसंद (The locals enjoy drinking tea.) करती है। चाय एक ऐसा ड्रिंक (Drink) है जिसे ज़्यादातर लोग गर्म पीना पसंद (Most people prefer hot drinks.) करते हैं। अक्सर कुछ लोग बची हुई चाय को गर्म (Reheating leftover tea) ही पी लेते हैं। समय बचाने या चाय बर्बाद (Save time or waste tea?) न हो, यह सोचकर सुबह की बची हुई चाय को दोपहर या शाम को दोबारा गर्म कर (Reheat in the evening) लेते हैं।
दोबारा गर्म करने की प्रक्रिया से चाय (Tea by reheating process) के अंदर मौजूद फायदेमंद केमिकल तत्व (Beneficial Chemical Elements) (एंटीऑक्सीडेंट) खत्म हो जाते हैं और कई नुकसानदायक तत्वों की मात्रा बढ़ (Increased levels of harmful substances) जाती है। अगर आपकी चाय दूध वाली है और उसे लंबे समय तक रूम टेम्परेचर पर रखा (Kept at room temperature) गया है, तो उसमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा भी बहुत ज़्यादा (The risk of bacterial growth is also very high.) होता है। तो चलिए इस आर्टिकल (Let’s look at this article.) में इसी के बारे में जानते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट और कड़वाहट
ताज़ी चाय में कैटेचिन और पॉलीफेनोल (Catechins and Polyphenols) जैसे पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट (Powerful Antioxidant) होते हैं, जो दिल की सेहत और शरीर में सूजन कम (Reduced body inflammation) करने के लिए बहुत अच्छे माने (Considered very good) जाते हैं। स्टडी के मुताबिक, चाय को दोबारा गर्म करने पर ये सभी फायदेमंद तत्व पूरी तरह खत्म (Beneficial elements completely depleted.) हो जाते हैं। वहीं, बार-बार उबालने से चाय में टैनिन की मात्रा बढ़ (Boiling increases the tannin content in tea.) जाती है, जिससे चाय का स्वाद कसैला (The tea tastes astringent.) और कड़वा हो जाता है।
पेट की दिक्कतें और बैक्टीरिया का खतरा
दोबारा गर्म की गई चाय में टैनिन की बढ़ी हुई मात्रा पीने (Drinking reheated tea, which contains an increased amount of tannins…) वाले को तुरंत एसिडिटी (Acidity) , सीने में जलन (Heartburn) या अपच जैसी पेट की दिक्कतें (Stomach problems) दे सकती है। इससे भी बड़ा खतरा बैक्टीरिया (Bacteria: A Major Threat) का है। जब दूध वाली चाय को रूम टेम्परेचर पर दो घंटे (When milk tea is kept at room temperature for two hours) से ज़्यादा रखा जाता है, तो उसमें बैक्टीरिया तेज़ी से पनपने (Bacteria multiplying rapidly) लगते हैं, जिससे दोबारा गर्म (Reheat) करने पर भी फ़ूड पॉइज़निंग या पेट की गंभीर परेशानी (Food poisoning or severe stomach trouble) हो सकती है।
हेल्दी रहने का सही तरीका
हेल्दी रहने के लिए हमेशा ताज़ी बनी चाय पिएं (Always drink freshly made tea.) । एक्सपर्ट्स एक बार में उतनी ही चाय (Just as much tea) बनाने की सलाह देते हैं जितनी आपको पीनी है। अगर आप चाय को ज़्यादा देर तक गर्म (Stays hot for a long time) रखना चाहते हैं, तो उसे बार-बार गैस पर उबालने के बजाय थर्मस का इस्तेमाल (Using a thermos instead of boiling on the stove) करें। इससे न सिर्फ़ चाय का टेम्परेचर बना (Make the temperature of the tea) रहेगा, बल्कि उसके न्यूट्रिएंट्स भी बचे रहेंगे।







