Breaking News: अंतरिक्ष का सबसे अनोखा रहस्य; स्पेस में उबलते पानी में क्यों नहीं बनते बुलबुले, जानिए माइक्रोग्रैविटी कैसे बदल देती है विज्ञान के सामान्य नियम
Breaking News: हम सब जानते हैं कि स्पेस की दुनिया धरती से कितनी अलग (How different is the world of space from Earth?) है। स्पेस में ग्रैविटी नहीं होती (There is no gravity in space.) , इसलिए सब कुछ तैरता हुआ दिखता है। हालांकि, धरती पर बहुत से लोग स्पेस में जाने का सपना (Many people on Earth dream of going to space.) देखते हैं। स्पेस (Space) में जाना जितना पसंद है, वहां रहना उतना ही मुश्किल (Just as difficult) है। स्पेस में रहना जितना आसान लगता है, असल में उतना ही डरावना भी हो सकता है। इसीलिए एस्ट्रोनॉट्स लंबी ट्रेनिंग (Astronauts’ extensive training) लेते हैं, जिसके बाद उन्हें ऐसे मिशन के लिए चुना जाता है। हाल ही में, शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से धरती पर लौटे (Returned to Earth from the International Space Station) हैं, और स्पेस को लेकर चर्चा फिर से शुरू हो गई है। आपको बता दें कि जब भी एस्ट्रोनॉट्स स्पेस (Astronauts in space) में जाते हैं, तो उनकी बेसिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए सभी इंतज़ाम (All arrangements are made to meet basic needs) किए जाते हैं।
स्पेस धरती से कितना अलग है?
असल में, जब भी कोई एस्ट्रोनॉट स्पेस (An astronaut in space) में जाता है और धरती पर लौटता है, तो वह स्पेस के कई राज़ खोलता है। आज तक कई ऐसे एस्ट्रोनॉट्स हुए हैं जिन्होंने कई ऐसी बातें बताई हैं जिन्हें सुनकर आम लोग हैरान रह जाते हैं। धरती पर ग्रेविटी का असर बहुत ज़्यादा (The effect of gravity on Earth is immense.) होता है, लेकिन स्पेस में इसका कोई असर नहीं होता। इसी वजह से इंसान भी हवा में तैरते हैं। जब कोई एस्ट्रोनॉट ज़्यादा समय तक स्पेस में रहता है, तो धरती पर आने के बाद उसे चलने में भी दिक्कत (Afterwards, he even had trouble walking.) होती है। वह चलना भूल जाता है और उसे फिर से चलना सीखना पड़ता है। एक और चौंकाने वाली बात यह है कि जब स्पेस में पानी उबाला जाता (The surprising thing is that when water is boiled in space…) है, तो उसमें बुलबुले नहीं बनते।
जानते हैं बुलबुले क्यों नहीं बनते?
दरअसल, इसका सबसे बड़ा कारण ग्रेविटी की कमी (The biggest reason is the lack of gravity.) है। जब स्पेस में ग्रेविटी नहीं होती, तो पानी के बुलबुले ऊपर नहीं उठ पाते। इसलिए वे पानी में ही रहते हैं और मिलकर एक बड़ा बुलबुला (Big bubble) बनाते हैं। लेकिन यह बुलबुला भी पानी में तैर नहीं पाता और नीचे ही रहता है। इतना ही नहीं, स्पेस में पानी का बॉइलिंग पॉइंट भी बदल (The boiling point of water also changes in space.) जाता है। वह कम प्रेशर और कम टेम्परेचर पर ही उबलने (Boiling at a low temperature) लगता है। स्पेस में पानी को उबलने के लिए ज़्यादा गर्मी की ज़रूरत (More heat is required for water to boil in space.) नहीं होती।







