SIDHI NEWS:   सिस्टम शर्मसार, एंबुलेंस नहीं मिली तो बेटा स्कूटर पर पिता का शव ले जाने को मजबूर

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Thursday, April 16, 2026 8:29 AM

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SIDHI NEWS:   सिस्टम शर्मसार, एंबुलेंस नहीं मिली तो बेटा स्कूटर पर पिता का शव ले जाने को मजबूर

नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क 
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SIDHI NEWS:  जिले के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर सेमरिया (The district’s Community Health Center, Semariya) से शव को स्कूटर से ले जाने का मामला (Case of Transporting a Body on a Scooter) सामने आया है। घटना बुधवार रात करीब 12 बजे की है। मृतक के बेटों का आरोप (Allegations by the deceased’s sons) है कि अस्पताल में इलाज न मिलने से उनके पिता की मौत हो गई। शव ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं (No ambulance to transport the body) थी। उन्हें पिता का शव स्कूटर पर घर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। अपने रिश्तेदारों को इस तरह ले जाते देख महिलाएं चीखने-चिल्लाने (Upon seeing their relatives being taken away in this manner, the women began screaming and shouting.) लगीं। रिश्तेदारों के मुताबिक, बुधवार रात करीब 11 बजे रामसजीवन गुप्ता की हालत अचानक बिगड़ (The situation suddenly deteriorated.) गई।

 

 

 

 

 

 

 

उन्हें सेमरिया अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर रिश्तेदारों को कोई इलाज (No treatment for relatives upon reaching the hospital) नहीं मिला। उनके बेटे-बेटियां इलाज के लिए भटकते रहे (Sons and daughters kept wandering in search of treatment.) लेकिन किसी ने नहीं सुनी। ड्यूटी डॉक्टर को ढूंढते-ढूंढते उनके पिता की मौत हो गई (His father passed away while he was searching for the doctor on duty.) । मरीज की मौत के बाद भी रिश्तेदारों को मुश्किलों (Difficulties for relatives) का सामना करना पड़ा। उन्हें न तो एंबुलेंस मिली और न ही शव ले जाने के लिए कोई शव वाहन दिया गया। परिवार को रामसजीवन गुप्ता का शव स्कूटर पर घर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। अस्पताल में कोई ड्यूटी डॉक्टर नहीं (No duty doctor at the hospital.)  था

 

 

 

 

 

मृतक के बेटे संजीव गुप्ता ने आरोप (Blame) लगाया कि घटना के समय डॉ. संजय पटेल ड्यूटी पर थे, लेकिन वे अस्पताल में मौजूद नहीं थे। संजीव गुप्ता ने कहा कि अगर डॉक्टर समय पर मौजूद होते तो उनके पिता की जान बच सकती थी। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल प्रशासन ने इलाज या शव को ले जाने की कोई सुविधा नहीं (The hospital administration provided no facilities for treatment or for transporting the body.) दी।

 

उनका कहना है
वे रात में खाना खाने अपने कमरे में चले गए थे। इस घटना की कोई जानकारी नहीं दी गई।
डॉ. संजय पटेल, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर सेमरिया

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