Singrauli Breaking News:  मुख्यमंत्री के नशामुक्त मध्यप्रदेश अभियान पर सवाल; सिंगरौली में अवैध शराब बिक्री की शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?

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Singrauli Breaking News:  मुख्यमंत्री के नशामुक्त मध्यप्रदेश अभियान पर सवाल; सिंगरौली में अवैध शराब बिक्री की शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?

नई ताकत न्यूज नेटवर्क सिंगरौली 

Singrauli Breaking News:  सिंगरौली मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश को नशामुक्त (Singrauli: Madhya Pradesh government wants to make the state drug-free) बनाने और अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाने का दावा (Claim of strictly curbing the illegal liquor trade.) कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कई मंचों से स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया (The illegal liquor trade was not tolerated at any cost.) जाएगा। इसके बावजूद सिंगरौली जिले में सामाजिक संगठनों (Despite this, social organizations in Singrauli district) और स्थानीय नागरिकों का आरोप (Allegation by local residents) है कि कई क्षेत्रों में खुलेआम अवैध शराब की बिक्री जारी (Open sale of illicit liquor continues.) है और संबंधित विभाग अपेक्षित कार्रवाई करने में विफल साबित (The concerned department failed to take the expected action) हो रहा है।

 

 

सामाजिक संगठनों (Social organizations) का कहना है कि जिला मुख्यालय बैढ़न से लेकर देवसर (From district headquarters Baidhan to Devsar) तक कई स्थानों पर छोटे-छोटे दुकानों, गुमटियों और अन्य स्थानों पर कथित रूप से अवैध शराब बेची जा रही है। उनका आरोप है कि यह कारोबार लंबे समय से संचालित हो रहा है, लेकिन आबकारी विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई (Effective action by the Excise Department)  नहीं की जा रही।

 

 

संगठनों का दावा है कि उन्होंने कई बार जिला प्रशासन (Bar District Administration) , पुलिस प्रशासन और जिला आबकारी अधिकारी (District Excise Officer) सतीश कश्यप को शिकायतें सौंपीं। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अवैध कारोबार पर अपेक्षित कार्रवाई (Expected action against illegal business despite complaints.) नहीं हुई। इसी कारण सामाजिक संगठनों को स्वयं सक्रिय होकर पुलिस को सूचना (Self-initiative and inform the police) देनी पड़ी।

 

 

हाल ही में थाना बैढ़न क्षेत्र के हिर्रवाह (सेमर चौराहा) में भगवती मानव कल्याण संगठन एवं भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों (Bharatiya Shakti Chetna Party workers attacked the villagers) के साथ मिलकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छापामार कार्रवाई की और लगभग 63.82 लीटर अंग्रेजी एवं देसी शराब जब्त कर एक आरोपी के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया। इस कार्रवाई के बाद यह सवाल और तेज हो गया कि यदि अवैध शराब खुलेआम बिक रही थी, तो संबंधित विभाग पहले कार्रवाई क्यों नहीं कर पाया?

 

 

सामाजिक संगठनों का आरोप (Allegation by social organizations)  है कि सरकार ने शराब बिक्री के लिए केवल अधिकृत दुकानों को लाइसेंस (Licenses for authorized shops) दिया है, लेकिन जिले में कथित रूप से गली-मोहल्लों तक शराब पहुंच (Alleged access to alcohol in the streets) रही है। उनका कहना है कि यदि यह सही है, तो इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी (An impartial investigation into the entire network must be conducted to identify those responsible.) चाहिए।

 

 

संगठनों ने जिला आबकारी अधिकारी सतीश कश्यप की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए (Questions were also raised regarding the working style of District Excise Officer Satish Kashyap.) हैं। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से अवैध कारोबार को बढ़ावा (promotion of illegal business)  मिला है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए।

 

 

सामाजिक संगठनों का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति(Zero-tolerance policy against illicit liquor)  अपनाने की बात कही है। ऐसे में यदि जिले में अवैध शराब की बिक्री की शिकायतें (If there are complaints regarding the sale of illicit liquor in the district…) लगातार सामने आ रही हैं, तो यह सरकार की मंशा के विपरीत स्थिति दर्शाती है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

 

 

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध शराब की बिक्री से युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ (Illegal liquor sales are increasing the tendency of drug addiction among the youth.) रही है। ग्रामीणों के अनुसार, इससे सामाजिक वातावरण प्रभावित (Social environment affected) हो रहा है और कई स्थानों पर महिलाओं एवं परिवारों को भी परेशानियों का सामना करना (Women and families also face difficulties) पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या (If effective action is not taken, a problem will arise.) और गंभीर हो सकती है।

 

 

संगठनों ने यह भी मांग की है कि जिले में संचालित सभी लाइसेंसी शराब दुकानों की जांच (Inspection of all licensed liquor shops operating in the district) कर यह पता लगाया जाए कि कहीं उनके माध्यम से अवैध सप्लाई तो नहीं हो रही। यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई (Strict action against the concerned individuals in accordance with the law.) की जानी चाहिए।

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