Singrauli News: सिंगरौली में NCL की ब्लास्टिंग से दहला मोरवा, राम-जानकी मंदिर की सीलिंग गिरी; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल?
नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली
Singrauli News: सिंगरौली में कोयला उत्पादन की रफ्तार के बीच खदान के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा का सवाल लगातार गंभीर होता (Amid the pace of coal production, the issue of the safety of people living near the mines is becoming increasingly critical.) जा रहा है। मोरवा में एनसीएल की ब्लास्टिंग के बाद मकानों को नुकसान पहुंचने की घटनाओं (Incidents of damage to houses after NCL blasting) के बीच शुक्रवार को वार्ड क्रमांक 4 अंबेडकर नगर स्थित राम-जानकी मंदिर की सीलिंग टूटकर नीचे गिर गई। मंदिर परिसर में छत के बड़े-बड़े टुकड़े और मलबा बिखर गया (Large chunks of the roof and debris lay scattered across the temple premises.) ।
जानकारी अनुसार यह घटना दोपहर करीब 1.20 पर एनसीएल की ब्लास्टिंग हुई। लोग ब्लास्टिंग के तीव्रता को भूकंप की तरह देखकर सहम (People were frightened by the intensity of the blasting, like an earthquake.) गए। मंदिर में हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल (An atmosphere of concern prevails among the locals following this incident at the temple.) है। लोगों का कहना है कि खदान में लगातार हो रही भारी ब्लास्टिंग के बीच आसपास के मकानों और विद्यालयों समेत धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी (It is essential to ensure the safety of nearby houses, schools, and religious sites amidst heavy blasting operations.) है। यदि समय रहते ऐसी घटनाओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
लगातार हो रही घटनाएं
सप्ताह पूर्व भी वार्ड क्रमांक 10 में खदान के करीब एक मकान में ब्लास्टिंग का मालबा गिरा (Debris from blasting fell onto a house near the mine.) था, जिससे उसके घर को नुकसान पहुंचा था, वहीं तीन लोग घायल हुए थे। एक माह पहले झूमरिया टोला में नवीन कुमार गुप्ता के करीब 4000 वर्गफीट में बने दो मंजिला मकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था। मकान मालिक ने आरोप लगाया था कि एनसीएल की ब्लास्टिंग से होने वाले कंपन के कारण दीवारों में दरारें आई थीं और मकान कमजोर (The house owner alleged that cracks had appeared in the walls and the house had weakened due to vibrations caused by NCL’s blasting operations.) हो गया था। उन्होंने पहले भी इस संबंध में एनसीएल को लिखित शिकायत देने की बात कही थी।
इन घटनाओं के बाद अब मंदिर की सीलिंग गिरने का मामला सामने आने से ब्लास्टिंग के प्रभाव और सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाता तो इस प्रकार की घटना नहीं होती।
ब्लास्टिंग के प्रभाव की जांच की मांग
मंदिर की सीलिंग गिरने की घटना के बाद एनसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल उठ (Questions were raised about the role of NCL management and district administration.)रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार घटनाएं सामने आने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा नहीं ले रहे हैं।
रहवासियों की मांग है कि खदान के आसपास के प्रभावित मकानों का तत्काल निरीक्षण कराया (An immediate inspection of the affected houses in the vicinity of the mine was conducted.) जाए। ब्लास्टिंग के दौरान उत्पन्न कंपन का रिकॉर्ड जांचा जाए तथा भवनों की संरचनात्मक स्थिति (The record of vibrations generated during blasting should be examined, as well as the structural condition of the buildings.) का विशेषज्ञों से परीक्षण कराया जाए। यदि जांच में ब्लास्टिंग के कारण नुकसान की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारी तय कर अधिकारियों पर कानूनी कार्यवाही (If the investigation confirms damage caused by blasting, responsibility will be fixed, and legal action will be taken against the officials.) हो।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मंदिर की सीलिंग गिरने और इससे पहले मकान क्षतिग्रस्त होने जैसी घटनाओं के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था (Security arrangements despite incidents such as damage) की व्यापक जांच कब होगी? खदान के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनकी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करना प्रबंधन एवं प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है।







