Gold and silver prices: शुरुआती गिरावट के बाद बुलियन में सोने और चांदी की कीमतों में वापसी, रिकॉर्ड ऊंचाई के बेहद करीब पहुंचे सोने और चांदी के दाम
Gold and silver prices:सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange) (MCX) पर सोने (Gold) और चांदी के फ्यूचर्स में जोरदार झटकों (Sharp Volatility in Silver Futures) और बड़ी गिरावट के साथ ट्रेडिंग शुरू हुई, लेकिन दोनों कीमती मेटल शुरुआती ट्रेडिंग में निचले (Both precious metals were trading lower in early trade.) स्तर से उबरकर हरे निशान में आ गए। ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, MCX पर सोने का 5 जून, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 471 रुपये टूटकर 1,58,076 रुपये पर आ गया था, जबकि पिछली क्लोजिंग 1,58,547 रुपये थी, लेकिन सुबह 9:15 बजे तक इसमें 133 रुपये की तेजी आई थी। यह 1,58,680 प्रति 10 ग्राम हो गया। इसी तरह, चांदी का 3 जुलाई, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती गिरावट के बाद संभला (The contract recovered after an initial decline.) और 764 रुपये की शानदार तेजी के साथ 2,72,650 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करता देखा गया, जिससे बुलियन मार्केट एक बार फिर अपने ऑल-टाइम रिकॉर्ड लेवल (The bullion market has once again reached its all-time record level.) के बेहद करीब पहुंच गया।
भारतीय बाज़ारों में इस तेज़ रिकवरी के उलट (In contrast to this sharp recovery in Indian markets) , दुनिया भर में कीमती धातुओं की कीमतें (Precious Metal Prices Worldwide) इस समय भारी दबाव में हैं। इंटरनेशनल मार्केट कॉमैक्स (international market comax) (Comex) पर सोना 0.39 परसेंट कमज़ोर होकर $4,543 पर और चांदी 2.28 परसेंट गिरकर $75.778 प्रति औंस पर बंद हुई। मार्केट एनालिस्ट और डिप्लोमैटिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट में सोने-चांदी में गिरावट का मुख्य कारण (The main reason for the decline in gold and silver prices in the global market.) US 10-ईयर बॉन्ड यील्ड का बढ़कर 4.65 परसेंट के टाइट लेवल पर पहुँचना है। बॉन्ड यील्ड में इस मज़बूती से दुनिया भर (This strength in bond yields has led to rise in prices across the world.) में U.S. डॉलर को मज़बूत सपोर्ट मिला है, और मज़बूत डॉलर हमेशा कीमती धातुओं की कीमतों (A strong dollar always impacts the prices of precious metals.) पर नीचे की ओर दबाव डालता है।
भले ही सोमवार के ट्रेडिंग सेशन में बाज़ार में उतार-चढ़ाव का दौर देखा (The market witnessed a period of volatility during the trading session.) जा रहा है, लेकिन लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए सोने (Gold for long-term investors) और चांदी ने पिछले एक साल में डिप्लोमैटिकली सबसे मज़बूत (Silver has seen its strongest diplomatic performance in the past year.) और रिकॉर्ड-तोड़ रिटर्न दिया है। डिजिटल फाइनेंशियल डेटा के एनालिसिस से पता (Discovered through analysis of digital financial data) चलता है कि डॉलर के हिसाब से सोने (gold in dollar terms) ने पिछले एक साल में 40 परसेंट से ज़्यादा का ज़बरदस्त रिटर्न (Massive Returns on Higher Investments) दिया है। इस बीच, इसी समय में चांदी ने 131 परसेंट से ज़्यादा का बंपर रिटर्न दिया है, जिससे इन्वेस्टर्स मालामाल (Investors Strike It Rich) हुए हैं। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं (Geopolitical uncertainties) और सेंट्रल बैंकों की ज़्यादा खरीदारी के चलते घरेलू मार्केट में सोने (Gold prices in the domestic market rose due to increased buying by central banks.) और चांदी की चमक जारी रहने की उम्मीद है।







