विक्रम उत्सव गिनीज बुक में होगा दर्ज, शुरू हुई तैयारियां
Ujjain News: सम्राट विक्रमादित्य के कृतित्व और व्यक्तित्व को देश और दुनिया के नक्शे पर स्थापित करने के लिए 125 दिवसीय विक्रम उत्सव का जिस तरह से लगातार संचालन चल रहा है, ऐसे में उक्त आयोजन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने के लिए फाइल चल पड़ी है.विक्रमादित्य शोध पीठ एवं मध्य प्रदेश संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों को सरकार से दिशा निर्देश मिले हैं कि 125 दिवसीय विक्रम उत्सव को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल कराया जाए. इसके लिए जरूरी प्रक्रिया है पूरी की जा रही है. भोपाल से लेकर उज्जैन तक फोन घन घना रहे हैं और तेजी से फाइल दौड़ पड़ी है.
वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए नॉर्म्स
जानकारी के अनुसार विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्री राम तिवारी से लेकर भोपाल स्तर के अधिकारियों के बीच लगातार वार्तालाप हो रहा है. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल करने के लिए जिन बिंदुओं को समाहित किया जाना जरूरी है. साथ ही प्रक्रिया के तहत जो नॉर्म्स होते हैं उन पर खरा उतरने के लिए पूरे 125 दिवसीय आयोजन के बिंदुओं को तय किया जा रहा है.
जैसा की पता है विक्रम उत्सव 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के पर्व पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव(Madhya Pradesh Chief Minister Dr Mohan Yadav) और केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र शेखावत(Union Culture Minister Gajendra Shekhawat) द्वारा 125 दिवसीय विक्रम उत्सव का शुभारंभ किया गया था. शुरुआत में भव्य कलश यात्रा के पश्चात इसमें प्रदर्शनी, वैदिक अंताक्षरी, संगीत, नृत्य, नाटक, चित्र, मूर्तिकला, पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव समेत अन्य धार्मिक सांस्कृतिक आयोजन चल रहे हैं.